सर्किट हाउस में राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डाक्टर सुचेता चतुर्वेदी अधिकारियों के साथ बैठक करतीं हुईं ।
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डॉ. सुचिता ने कहा कि वह बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना के संबंध में जानकारी लेने के लिए सोमवार को आजमगढ़ गई थीं। मंगलवार को वह बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए बीएचयू अस्पताल आई थीं। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत अब ठीक है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण का आरोपी पड़ोस का 21 वर्षीय युवक है। वह परिवार के पास पहुंचा और नहलाने के लिए ले जाने की बात कहकर बच्ची के कपड़े मांगे। इस मामले में समाज के साथ जिम्मेदार परिवार भी है, जिसने अपनी बच्ची की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा।
हाथरस की युवती के साथ हुई घटना पर उन्होंने कहा कि फिलहाल जांच चल रही है, इसलिए उस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगी। उन्होंने कहा कि अन्य जिलों की अपेक्षा बाल संरक्षण के मामले में वाराणसी की स्थिति अच्छी है।
यहां कोरोना काल में भी जो बच्चे संरक्षण गृह में हैं, वे अन्य जिलों से बेहतर स्थिति में हैं। इसके लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी पीके त्रिपाठी सराहना के पात्र हैं।