दहेज के लिए ससुराल वाले पर प्रताड़ित करने के आरोप मामले में दारोगा ने विवाहिता की प्रार्थना पत्र के आधार पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। एफआईआर की कॉपी लेने पहुंची विवाहिता को पुलिस ने व्हाइटनर लगाकर उसकी तहरीर वापस लौटा दिया।
दहेज उत्पीड़न मामले में महिला की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय वाराणसी की मिर्जामुराद पुलिस ने सफेदा (व्हाइटनर) लगाकर प्रार्थना पत्र अस्वीकार कर दिया। आईजी रेंज के निर्देश पर संबंधित दरोगा के खिलाफ जांच बैठाई गई है। मिर्जामुराद के गौर गांव निवासी गिरधारी मौर्य की पुत्री राधा देवी की शादी बीते वर्ष 30 अप्रैल को दुर्गाकुंड निवासी विकास के साथ हुई थी।
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विवाहिता का आरोप था कि दहेज के लिए उसे ससुराल वाले प्रताड़ित करते हैं। दहेज की मांग पूरी न होने पर बीते 26 मार्च को ससुराल वाले उसे मायके में लाकर छोड़ गए। महिला ने गर्भपात करवाने का भी आरोप लगाया।
जनसुनवाई करने वाले व दारोगा सोमवार की सुबह विवाहिता का प्रार्थना पत्र लेकर उस पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया, लेकिन शाम को विवाहिता जब एफआईआर की कॉपी लेने पहुंची तो कार्यालय से उस आदेश पर व्हाइटनर लगा कर उसकी तहरीर वापस लौटा दी गई। इस पर महिला ने आईजी रेंज से शिकायत की। अब आईजी रेंज के निर्देश पर संबंधित दरोगा के खिलाफ जांच शुरू हो गई है।