वाराणसी में अमृत योजना का हाल।
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शहर के 28 हजार उपभोक्ताओं को जलकल ने पानी का डबल बिल भेज दिया है। इन्हें निस्तारित करने की जिम्मेदारी मेयर अशोक कुमार तिवारी ने जलकल के अधिकारियों को दी है, लेकिन अब तक निस्तारित नहीं होने से लोग बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं।
उन्हें इस बात का डर है कि सही बिल में देरी के चलते उन्हें ब्याज भी देना पड़ सकता है। नियमानुसार निर्धारित अवधि में बिल जमा न करने पर ब्याज लगाया जाता है। जिसका असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।
इन उपभोक्ताओं के यहां पहले से जलकल का कनेक्शन था। अमृत योजना के नाम पर जलकल ने दूसरा कनेक्शन यह कहकर लगाया कि इसका बिल नहीं आएगा। अब पुराने और नए कनेक्शन का जोड़कर जलकल पानी का बिल भेज रहा है। इससे उपभोक्ताओं के बिल में 4 से 5 हजार रुपये की बढ़ोतरी हो गई।
उपभोक्ताओं ने जलकल में शिकायत भी की थी। पिछले दिनों सदन की बैठक में सपा पार्षद दल के नेता हारून अंसारी ने यह मामला उठाया था। उन्होंने कहा था कि जब लोगों को पानी नहीं मिला तो किस बात का बिल भेजा रहा है। बिल समय से नहीं सुधरे तो ब्याज भी देना पड़ेगा।
कनेक्शन के लिए भी उपभोक्ताओं ने कोई आवेदन नहीं किया था। जलकल ने 2017 में कार्यदायी संस्था को अधिक से अधिक घरों में नल लगाने का लक्ष्य दिया था। इसी का नतीजा रहा कि कार्यदायी संस्था ने पुराना कनेक्शन नहीं काटा और नया दे दिया।
कई लोगों के घर में लगे कनेक्शन में पानी भी नहीं आ रहा है। जलकल के सचिव ओपी सिंह ने कहा कि महाकुंभ में आने वाली भीड़ की व्यवस्थाओं के चलते अभी बिल पर काम नहीं हुआ है। जल्द ही लोगों के बिल सुधारे जाएंगे।