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छाई खुशियों की बहार, ईद मुबारक

Thu, 07 Jul 2016 02:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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 शिया समुदाय के लिए बुधवार की सुबह खुशियां लेकर आई। ये खुशी थी ईद की। रमजान की इबादतों के शुकराने के तौर पर मनाई जाने वाली ईद शियाओं ने बुधवार को मनाई। ईरान से आए फतवे के बाद सुबह फज्र की नमाज के बाद यहां के आलिमों ने ईद मनाने का फैसला लिया। फिर क्या, उसके बाद इस कदर उत्साह और उमंग के साथ तैयारियां शुरू हुईं कि सुबह दस बजे तक लोग नए लकदक कुर्ता पायजामे, शेरवानी में सजधज कर ईदगाहों और मस्जिदों में थे। नमाज के बाद बारिश की फुहार ने मानों उनकी खुशियों में जैसे चार चांद लगा दिया।
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मंगलवार को चांद की तस्दीक न होने से मुसलमानों ने गुरुवार को ईद मनाने का फैसला लिया था लेकिन देर रात से ही शियाओं की ओर से ईरान और इराक से इसे लेकर फतवे जारी होने लगे थे। ईरान के आयतुल्लाह तेशतानी व इराक के आयतुल्लाह खामनई (शिया हजरात के सुप्रीम अथॉरिटी) ने बुधवार को ही ईद मनाने का फैसला लिया। उनके निर्देश पर देर रात श्रीनगर और केरला में बुधवार को ही ईद मनाने का फैसला लिया गया। वहीं सुबह भोर में फज्र के वक्त बनारस के मौलाना शमीमुल हसन और मौलाना अकील हुसैनी ने ईद मनाए जाने का एलान किया।


आलिमों की ओर से हुए एलान के बाद रमजान की इबादतों का शुक्राना अदा करने के लिए शिया हजरात ने ईद की नमाज अदा की। मुल्‍क में अमन-चैन के लिए दुआ की। इसके बाद एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद पेश की गई। दरगाहे फातमान में मेले जैसा माहौल था। यहां पूर्व इमाम-ए-जुमा के बड़े बेटे मौलाना अकील हुसैनी ने नमाज अदा कराई। डॉ. शफीक अजमल ने मजलिस पढ़ी। इसी तरह अर्दलीबाजार में मौलाना हैदर अब्बास, औरंगाबाद में मौलाना बाकर रजा बलियावी, रामनगर में मौलाना बदरुल हसन ने नमाज अदा कराई। उधर सुबह से ही घरों में महिलाएं सेवईयां और दूसरे पकवान बनाने में जुट गईं थीं। बड़ागांव क्षेत्र के गांगकला खुर्द गांव में शनिवार को शिया समुदाय के लोगों ने बुधवार को ईद धूमधाम से मनाया। सुबह अकीदत के साथ नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारक दी।
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बदली के कारण आसमान में चांद का दीदार भले न हुआ लेकिन तीस रोजे पूरे होने की खुशी ही ऐसी थी कि मगरिब बाद हर ओर ईद मुबारक का शोर गूंज उठा। गुरुवार को ईद मनाए जाने का ऐलान मंगलवार को ही कर दिया गया। बुधवार को रोजा खोलने के बाद लोग छतों पर चांद का दीदार करने पहुंचे लेकिन बादल छाए रहने की वजह से चांद का दीदार नहीं हो सका। उधर मगरिब बाद नई सड़क स्थित लंगड़ा हाफिज मस्जिद में मौलाना जकीउल्लाह की अध्यक्षता में इज्तेमाई रुय्यते हेलाल कमेटी की बैठक हुई जिसमें चांद की तस्दीक होने पर ईद का ऐलान किया गया। वहीं मरकजी रुय्यते हेलाल कमेटी की ओर से काजी-ए-शहर मौलाना गुलाम यासीन ने चांद होने का ऐलान किया। चांद के ऐलान के साथ ही लोग ईद की खुशी मनाने को उत्सुक रहे।


कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और डीएम विजय किरन आनंद ने बुधवार को लोगों को ईद की बधाई दी है। अधिकारियों ने कहा कि रमजान के पाक महीने के बाद मनाए जाने वाले ईद का पर्व हमें कौमी एकता, भाईचारा और सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देता है। लोगों को गंगा जमुनी तहजीब के साथ ईद मनाने की अपील की।
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