कोई भी जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ
गौतम घोष ने अपने पत्र में लिखा है कि जयप्रकाश सिंह को जमानिया तहसील जिला गाजीपुर से कोई भी जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ है। वर्तमान में बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में कार्यरत प्रो. जेपी सिंह ने 1998 में राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय चौकाघाट में इसी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर प्रवेश लिया और डिग्री हासिल की।
उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर कानून की परिधि में कार्यवाही करने के लिए सक्षम अधिकारी को निर्देशित करें। शिकायतकर्ता ने कहा कि मैंने इसकी शिकायत राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय चौकाघाट में की है।
उन्होंने कोई कार्यवाही न करके मुझे पत्रावली अवलोकन करने के लिए बुलाया जो न्यायोचित नहीं है और उनकी कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आती है।
आयुर्वेद महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. शशि सिंह ने कहा कि यह मामला 1998 का है। हम लोग उस समय काउंसिलिंग कमेटी में नहीं थे। इस मामले में कोई भी कार्यवाही करने का अधिकार हमारे पास नहीं है। शिकायकर्ता को दस्तावेजों के अवलोकन के लिए बुलाया गया था।