हंगामा बढ़ता देख किसी तरह डॉक्टर धीरज अपनी जान बचाकर बगल के कमरे में भागे लेकिन कुछ ही देर में छात्र वहां भी आ गए। वहां उन्होंने डॉक्टर को करीब 1 घंटे तक बंधक बनाए रखा। मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर धीरज किशोर के अनुसार उन्होंने जब छात्रों पर कार्यवाही करने की बात कही करते हुए तो छात्र तभी छात्र नहीं माने। इसके बाद वह किसी तरह वहां से जान बचाकर निकले।
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इस दौरान ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी मुक दर्शक बने रहे और उन्होंने भी छात्रों को रोकने का प्रयास नहीं किया। प्रोफेसर धीरज किशोर ने कुलपति, चीफ प्रॉक्टर, लंका पुलिस सहित जो भी अन्य जगहों पर जो शिकायत दी है उसमें छात्रों पर ठोस कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बुधवार को वह पुलिस आयुक्त से भी इस मामले में मुलाकात करेंगे।