दहेज हत्या मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरी ने पति गोविंद को दोषी पाने पर 10 वर्ष की कठोर कारावास और ससुर कैलाश को सात साल की कड़ी सजा सुनाई। वहीं, 36 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। देवर के नाबालिग होने के चलते उसका मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड को सुपुर्द कर दिया।
एडीजीसी मनीष राय के अनुसार लंका के टिकरी गांव निवासी बुद्धूराम ने जंसा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसने अपनी पुत्री पूजा की शादी हाथी बाजार, जंसा निवासी गोविन्द के साथ नवंबर 2012 में किया था। शादी के बाद से ही पति गोविन्द, देवर सोविन्द व ससुर कैलाश दहेज की मांग करते थे और मेरी लड़की को प्रताड़ित करते रहते थे। यह मेरी लड़की ने मोबाइल से मुझसे तथा अपनी मां से बतायी थी। कुछ दिनों बाद दामाद गोविंद ने सूचना दी कि पूजा ने जहर खाकर जान दे दी है।
धोखाधड़ी मामले में जिला जेल में निरुद्ध महिला कॉलोनाइजर नीतू त्रिपाठी की जेल स्थानांतरण रोके जाने की अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। जिला जेल में निरुद्ध नीतू त्रिपाठी का जेल स्थानांतरण शासन के निर्देश पर कहीं अन्यत्र जेल में कर दिया गया है। इस आदेश को निरस्त करने के लिए नीतू त्रिपाठी के पति ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था।