योगी सरकार ने बनारस की खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत के लिए 15 जून और आरओबी, पुल को पूरा कराने के लिए 30 जून तक का समय दिया है। कार्यदायी संस्थाओं के अफसर तय समय में काम पूरा करा लेने का दम भर रहे हैं लेकिन चुनौतियां कम नहीं हैं। सड़कों की मरम्मत और निर्माण के लिए अभी बजट ही जारी नहीं हुआ है। बजट जारी होने के बाद विभागीय हीलाहवाली न हुई तो टेंडर प्रक्रिया में कम से कम पखवारे भर लगेंगे। फिर काम कराने के लिए डेढ़ महीने से भी कम समय बचेगा। आरओबी, पुल की बात करें तो कहीं कचहरी में विवाद तो कहीं उन्नत किस्म के उपकरणों की खरीद न होने की समस्या है। भीषण गर्मी के चलते मजदूरों के न मिलने की मुसीबत भी सामने होगी।
सड़कों की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी ने 38.37 करोड़ रुपये का कार्य प्रस्ताव तैयार किया है। जिले में पीडब्ल्यूडी की 2342 किलोमीटर सड़कें हैं। इनमें 1400 किलोमीटर सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। जिले में पीडब्ल्यूडी की सड़कों का बड़ा हिस्सा 1653 किलोमीटर ग्रामीण क्षेत्र में है, जबकि 689 किलोमीटर सड़क शहरी क्षेत्र में है।
सड़कों को बनाने के लिए कहने के लिए दो महीना है, जबकि काम करने के लिए 45 दिन ही मिलेंगे। 15 से 30 अप्रैल तक सड़कों की मरम्मत की टेंडरिंग से लेकर डीएम से अनुमोदन तक की प्रक्रिया चलेगी। अधिशासी अभियंता एके सिंह भदौरिया का कहना है कि एक मई से मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू करा देंगे। उनका कहना है कि एक किमी सड़क की मरम्मत पर 63 से 65 हजार रुपये खर्च आता है।