लोहता। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने में भट्ठी गांव सभा की प्रधान ने ग्रामीणों के साथ पहल शुरू कर दी है। कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन भी गांव के तालाब किया गया था। हाईकोर्ट ने गंगा में प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगाई है।
ऐसे में ग्राम प्रधान तालाब को इस रूप में विकसित कर रहे हैं कि आसपास के गांवों और भदोही के समीपवर्ती इलाकों की दुर्गा व सरस्वती की प्रतिमाओं का विर्सजन यहां आसानी से किया जा सके।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जब गंगा में मूर्ति विर्सजन पर रोक लगाई, तभी यहां के प्रधान के मन में आया कि गांव के तालाब को ऐसा रूप दे दिया जाए ताकि वहां दुर्गापूजा में इलाके की प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा सके । भदोही से लेकर आस पास के जितने गांवों की मूर्तियों का विर्सजन भट्ठी के तालाब में हो सके, इसके लिए पहले शुरू कर दी गई है ।
हालांकि इसकी पहल विगत वर्ष अपने गांव की दुर्गा पूजा के बाद मूर्ति का विर्सजन इसी गांव के तालाब में ही कराकर की गई थी। इस बार उन्होंने तालाब के दोनों तरफ पक्के घाट तथा चारों तरफ रेलिंग बनवाने के साथ बाहर से आने वाली मूर्तियों के रखे जाने के लिए पक्का प्लेटफार्म तथा तालाब के चारों तरफ लाइटिंग का काम करना शुरू कर दिया है। जो लगभग एक माह में पूरा हो जाएगा।
प्रधान पति सुजित यादव उर्फ लक्कड़ का कहना है कि भट्ठी गांव ने स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका निभाई और अब यहां हर साल जूडो के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। इस गाव से सैकड़ों जूडो के खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व विदेशों में कर चुके है। गांव की गरिमा को बढ़ाने के लिए ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में योगदान करने का विचार किया है।