Varanasi News: तकिया मुहल्ले की एक किशोरी को उसका जीजा बीते 29 फरवरी को अगवा कर ले गया था। दो मार्च को किशोरी लोहता स्टेशन पर अचेतावस्था में मिली थी। परिवार के लोगों ने उसे एक निजी चिकित्सालय में उसको भर्ती कराया था। जहां उसकी हालत गंभीर हुई तो डाक्टरों ने मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया। यहां उसकी मौत हो गई।
वाराणसी के लोहता थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी के साथ दुष्कर्म मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मीडिया में छपी रिपोर्टों को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई है। मजिस्ट्रेट की निगरानी में किशोरी जिस कब्र में दफन हुई थी, उसकी गुरुवार की शाम खोदाई हुई। इस दौरान भारी संख्या में लोग जुट गए थे। शव निकलने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
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क्षेत्र के तकिया मुहल्ले की एक किशोरी को उसका जीजा बीते 29 फरवरी को अगवा कर ले गया था। दो मार्च को किशोरी लोहता स्टेशन पर अचेतावस्था में मिली थी। परिवार के लोगों ने उसे एक निजी चिकित्सालय में उसको भर्ती कराया था। जहां उसकी हालत गंभीर हुई तो डाक्टरों ने मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया। यहां उसकी मौत हो गई।
किशोरी की मां ने बताया की अपने बेटी के अपहरण की सूचना थाने पर दिया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं, दो दिन बाद जब बेटी की मौत हो गई। इसकी खबर समाचार पत्रों में छपने के बाद प्रशासनिक महकमें में खलबली मच गई तो डीएम के आदेश पर शव को कब्र से खोदकर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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इस दौरान ACP रोहनिया राजीव शर्मा, प्रभारी निरिक्षक मंडुआडीह, लोहता सहित काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात थी। खोदाई के समय आसपास के काफी लोग मौजूद रहे, वे लोग पुलिस के प्रति काफी नाराज दिखे। लोगों का कहना था कि यदि पुलिस समय से मुकदमा लिखकर अभियुक्त को पकड़ लेती तो बीटिया की जान बच जाती।