प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काला झंडा दिखाने की अनुमति मांगने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे दो लोगों को डीएम राजमणि यादव ने पुलिस के हवाले कर दिया।
गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय से कैंट पुलिस ने दोनों को पकड़कर शांतिभंग की धाराओं में चालान किया। बाद में अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ की कोर्ट में पेश किया।
जहां निजी मुचलके पर उन्हें देर शाम छोड़ दिया गया। साथ ही, उनसे लिखवाया गया कि भविष्य में इस प्रकार की हरकत नहीं करेंगे।
अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ रामशिरोमणि मौर्य ने बताया कि प्रधानमंत्री 22 फरवरी को सीरगोवर्धनपुर स्थित संत रविदास मंदिर और बीएचयू के शताब्दी दीक्षांत समारोह में आ रहे हैं।
रैगरपुरा करोलबाग दिल्ली निवासी भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी प्रो. विलास खरात और महमूदपुर जंसा निवासी विजय प्रताप भारती डीएम कार्यालय पहुंचे थे।
उन्होंने रोहित वेमुला प्रकरण में प्रधानमंत्री को काला झंडा दिखाने की अनुमति डीएम से मांगी। इस पर डीएम ने उन्हें कैंट पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने शांति भंग की धारा में इनका चालान करके कोर्ट में पेश किया। जहां दोनों लोगों ने यह लिखकर दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की हरकत नहीं करेंगे। इसके आधार पर निजी मुचलके पर उन्हें छोड़ा गया।
कैंट क्षेत्राधिकारी राजकुमार यादव ने बताया कि डीएम के निर्देश पर दोनों लोगों का शांति भंग की धाराओं में चालान करके अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ की कोर्ट में पेश किया गया। जहां निजी मुचलके पर उन्हें छोड़ा गया।