मुख्य आरोपी पंकज उर्फ डब्लू राय को पुलिस ने मीडिया के सामने पेश किया।
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डीरेकाकर्मी ताराधीश कुमार मुकेश की हत्या मामले में पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी पंकज उर्फ डब्लू राय को शुक्रवार को पुलिस लाइन में मीडिया के सामने पेश किया। डबलू राय को पुलिस और क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को गिरफ्तार किया था।
एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि पंकज ने अवैध रूप से करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। उसके खिलाफ संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई होगी। साथ ही फर्जी दस्तावेज पर झारखंड से जारी हुए पासपोर्ट को भी रद्द कराया जाएगा। आरोपी के पास से नाइन एमएम की एक पिस्टल और कारतूस बरामद किया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
23 जनवरी को डीरेका के कर्मचारी नेता ताराधीश कुमार मुकेश की डीरेका स्थित घर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच के क्रम में ही आठ फरवरी को एक आरोपी अमित कुमार सिंह उर्फ रिक्कू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। रवि नारायण सिंह उर्फ बबलू राय और आशुतोष ने न्यायालय में समर्पण किया था। पंकज की तलाश की जा रही थी।
क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह और प्रभारी निरीक्षक मंडुआडीह अशोक कुमार सिंह को गुरुवार को सूचना मिली कि पंकज अपने दो साथियों के साथ डीएलडब्लू की तरफ से रेलवे ट्रैक पकड़ कर एफसीआई की ओर जा रहा था।
पुलिस ने घेरेबंदी कर पंकज को गिरफ्तार कर लिया जबकि उसके दो साथी भाग निकले। आरोपी मूल रूप से बिहार के लक्खीसराय का रहने वाला और शहर में वह वैष्णो नगर कालोनी, मंडुवाडीह में रहता है।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार बचाओ समिति नाम से फर्जी संगठन बनाकर लोगों पर धौंस जमाता था। एसएसपी ने मामले की सीबीआई जांच के लिए भी शासन को लिखा है। एसएसपी ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को दस हजार रुपये का नगद इनाम भी दिया।
हत्या का यह कारण आया सामने
गिरफ्तारी करने वाली टीम को दस हजार रुपये का नगद इनाम दिया गया।
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पंकज उर्फ डब्लू राय ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि डीरेका में वर्चस्व कायम रखने के लिए ताराधीश की हत्या की गई थी। उसके बड़े भाई रवि नारायण सिंह उर्फ बबलू राय डीएलडब्लू मे यूनियन के जनरल सेक्रेट्री पद से हटा दिये गए थे। इसके बाद से हम लोग परेशान थे।
ताराधीश मुकेश डीरेका में तेजी से नए नेता के रूप में उभर रहा था। वह हम लोगों के काम में अड़चन पैदा करता था और कई बार हम लोगों के खिलाफ शिकायत की थी। करोड़ों के ठेके लेने में भी खलल डालता था। डीएलडब्लू में हम लोगों का वर्चस्व लगातार कम हो रहा था जिस कारण हम परेशान थे।
इसलिए उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। घटना के लिए डब्लू का रिश्तेदार मटरू राय अपने साथ दो शूटरों को लाया था। मटरू राय अपने शूटरों के साथ बाइक पर टीके मुकेश की कार के पीछे से आया था। उस समय डब्लू और बबलू भी मौके पर थे।
डब्लू और अमित सिंह एक बाइक पर थे और इन्हीं दोनों ने टीके मुकेश को छह गोलियां मारी। घटना के बाद से ही वह बिहार, दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य जगहों पर ठिकाने बदल-बदल कर रह रहा था। डब्लू राय केटीवी चैनल का एमडी है।
वह विभिन्न एजेंसियों द्वारा अपनी फर्जी गिरफ्तारी की खबर प्रसारित कराता रहता था ताकि पुलिस को चकमा दिया जा सके। हिस्ट्रीशीटर डब्लू के खिलाफ दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। डब्लू के भाई बबलू ने फर्जी कागजात लगाकर डीरेका में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पाई थी।