इसे 105 किमी प्रति घंटा की गति से चलने के लिए डिजाइन किया गया था, मगर आरडीएसओ ने 95 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति निर्धारित की है। इंजन का वजन 252 टन है। इसमें तीन फेज इंडक्शन मोटर, चार पावर कंवर्टर लगे हैं। यह इंजन रीजेनेरेटिव व न्यूमेटिक ब्रेकिंग सिस्टम से युक्त है।
डीरेका के उप महाप्रबंधक नितिन मेहरोत्रा ने बताया कि मेक इन इंडिया के तहत बनाए गए कनवर्टेड लोको की रफ्तार आरडीएसओ ने 95 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की है। नियमित उत्पादन के तहत जून तक दूसरा लोको तैयार हो जाएगा।