बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में आग से बचाव के लिए लगाए गए अग्निशमन यंत्र बेकार हो चुके हैं। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी हॉल में जो यंत्र लगे हैं, उसमें कुछ की एक्सपायरी डेट 2016 में ही बीत चुकी है, जबकि कुछ 2017 और 2018 में एक्सपायर हो चुके हैं। मगर, इन्हें अब तक नहीं बदला गया है।
यह हाल तब है जब इमरजेंसी और ओपीडी में हर समय बड़ी संख्या में मरीज मौजूद रहते हैं। अगर आग जैसी घटना हो जाए तो इस पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाएगा। सूरत में हुए हादसे के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
अस्पताल की ओपीडी में बनारस समेत पूर्वांचल, बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड से पांच हजार से अधिक मरीज हर दिन आते हैं। सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक ओपीडी के कई विभागों में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ रहती है। यहां पर्चा काउंटर पर लगा अग्निशमन यंत्र 29 जनवरी 2016 को ही एक्सपायर हो चुका है, लेकिन तीन साल बाद भी उसे बदला नहीं गया है।
सर्जिकल आन्कोलॉजी की ओपीडी में भी अग्निशमन यंत्र तीन जून 2018 को एक्सपायर हो चुका है। इमरजेंसी में भी यही हाल है। यहां अग्निशमन यंत्र के रिफलिंग की तिथि भी 30 मई 2018 को बीत चुकी है।