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यूपी: सरकारी नलकूप से सिंचाई का विवाद, दोनों पक्षों से नौ दोषियों को सजा; फिरौती-लूटकांड का भी मामला पढ़ें

Sat, 31 Oct 2026 08:00 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

सरकारी नलकूप से सिंचाई को लेकर हुए विवाद में अदालत ने दोनों पक्षों के नौ लोगों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। एक पक्ष के पांच दोषियों को तीन-तीन साल और दूसरे पक्ष के चार दोषियों को दो-दो साल की कैद की सजा सुनाई गई। मामले में दोनों पक्षों के बीच सिंचाई को लेकर विवाद हुआ था।
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वाराणसी कोर्ट में सुनाया गया फैसला। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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सरकारी नलकूप से खेतों की सिंचाई को लेकर 20 साल पहले हुए विवाद में अपर जिला जज (तेरहवां) नीरज कुमार बख्शी की अदालत ने दोनों पक्षों के नौ अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। एक पक्ष के प्राणघातक हमले के मामले में एक ही परिवार के पांच लोगों को तीन-तीन साल की कैद और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं, दूसरे पक्ष के चार लोगों को दो-दो साल की कैद और जुर्माने से दंडित किया गया।

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सजा पाने वालों में फूलपुर थाना क्षेत्र के राजपुर निवासी लालमन, उनके तीन पुत्र अजीत, रामआसरे, सुजीत कुमार और भाई राजमन शामिल हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से इसी गांव के मुरारी पांडेय और उनके पुत्र धीरेंद्र, राजेंद्र एवं जितेंद्र को दो-दो साल की सजा सुनाई गई है। 

अभियोजन के अनुसार, 12 अप्रैल 2006 को सरकारी नलकूप से खेतों की सिंचाई को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद हो गया था। देखते ही देखते दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी ज्योति शंकर उपाध्याय और चंद्रावली पाल ने पैरवी की।

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मैनेजर के अपहरण, फिरौती मामले में 2 आरोपियों को जमानत
मैनेजर के अपहरण, मारपीट, डकैती और 5.50 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में दो आरोपियों को अदालत से राहत मिल गई है। अपर जिला जज (प्रथम) संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने रविशंकर कुमार और सुधीर कुमार यादव को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। दोनों आरोपियों को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें और बंधपत्र देने होंगे। वादी राजकुमार सिंह ने भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 

आरोप था कि उनके पुत्र सम्राट सिंह को बंधक बनाकर पीटा गया। सम्राट एक संस्था में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। आरोपितों ने राजकुमार से 5.50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। यह भी आरोप है कि उनकी पत्नी के गहने छीने गए और दबाव में चेक लिए गए। पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 
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32 साल पुराने ट्रक लूटकांड में दो आरोपी दोषमुक्त
32 साल पुराने ट्रक लूटकांड में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम)-08 की अदालत ने दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। पीठासीन अधिकारी शिवम द्विवेदी की अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर पाने पर सभाजीत और अशोक कुमार सिंह उर्फ बबलू को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

अभियोजन के अनुसार, घटना 22 अप्रैल 1994 की है। वादी मुकदमा एवं ट्रक चालक मानसिंह ट्रक संख्या यूपीएचएच-281 पर चंदौली मंडी (मुगलसराय) से कोयला लादकर कानपुर जा रहे थे। शाहजहांपुर जीटी रोड स्थित एक होटल पर भोजन करने के बाद उन्होंने ट्रक स्टार्ट किया। इसी दौरान परगट सिंह और रमेश सिंह नाम के दो व्यक्ति पहुंचे। दोनों ने खुद को ट्रक चालक बताते हुए वाहन खराब होने की बात कहकर लिफ्ट मांगी। चालक ने उन्हें ट्रक में बैठा लिया। आरोप था कि मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के आगे पहुंचने पर दोनों ने चालक और उसके साथ मौजूद जयप्रकाश व राजेंद्र सिंह को तमंचा और चाकू दिखाकर धमकाया और ट्रक लूटकर भाग निकले थे।
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