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अव्यवस्था : एक डॉक्टर पर एक लाख पशुओं के इलाज की जिम्मेदारी

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मंडलीय पशु पाली क्लीनिक ज्ञानपुर। संवाद
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ज्ञानपुर। जिले में बीमार पशुओं का उपचार करना पशुपालकों के लिए चुनौती हो गया है। पशु अस्पताल से लेकर उपकेंद्रों पर चिकित्सकों के न होने से स्थिति विकट हो गई है। जिले के 10 में छह उपकेंद्रों पर करीब साल भर से पशुधन प्रसार अधिकारी की तैनाती नहीं हो सकी है। इस कारण एक लाख पशुओं के इलाज की जिम्मेदारी सिर्फ डॉक्टर पर है। मुख्यालय के अस्पताल पर पशु डॉक्टर नहीं है।
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वहीं, मंडलीय पशु पाली क्लीनिक अस्पताल में लोकार्पण के चार साल बाद भी स्थायी रूप से पशु डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, डीघ, औराई, अभोल सहित कुल 11 पशु अस्पताल है। इसमें ज्ञानपुर, डीघ पर डॉक्टर नहीं है। यहां औराई, जंगीगंज के डॉक्टर अटैच किए गए है। इसके अलावा भिडिऊरा, धनतुलसी, गोपीगंज, खमरियां, महराजगंज, अभोली, मोढ, असनाव, बरदहा, कटरा में 10 उपकेंद्र है।
इसमें छह पर पशुधन प्रसार अधिकारी की तैनाती नहीं है। इससे आसपास के दर्जनों गांव के 40 से 50 हजार पशुपालकों को उपचार कराने में दिक्कत होती है।
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब एक लाख भैंस, ढाई लाख गोवंश है। 50 से 70 हजार के करीब भेड़ और बकरी है। ज्ञानपुर सदर अस्पताल पर चिकित्सकों की तैनाती नहीं है। जबकि यहां रोजाना 50 से 60 की ओपीडी होती है। डॉक्टर न होने के कारण इससे पशु पालकों को कॉफी परेशानी होती है।
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