उस समय नगर निगम की ओर से तत्कालीन मेयर राम गोपाल मोहले और जापानी दल की ओर से डीपीआर तय होने के बाद इसका निर्माण शुरू कर दिया गया। नगर निगम परिसर में बन रहे इस कन्वेंशन सेंटर का टेंडर जापान की फ्यूजिता कंपनी को दिया गया है। जापान में ही केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की सहमति से वाराणसी में इस कंपनी को काम का जिम्मा सौंप दिया गया था।
काशी की परंपराएं होंगी जीवंत
कन्वेंशन सेंटर रुद्राक्ष में काशी की परंपराओं को भी सहेजा जाएगा। इसमें काशी की परंपरागत धरोहर, कला संस्कृति को एक नए स्वरूप में प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम भी आयोजित हो सकेंगे। रुद्राक्ष का काम पूरा होने के बाद इसका प्रबंधन व रखरखाव का जिम्मा नगर निगम ही उठाएगा।
ये सुविधाएं मिलेंगी :
दो मंजिला भवन 1200 लोगों की क्षमता वाला होगा। चारों ओर गैलरी बनायी जाएगी। बीच में सभागार में होगा। जिसमें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आदि कार्यक्रम हो सकेंगे। अलग से म्यूजिक कन्सर्ट बनाया जाएगा। जिसकी खासियत होगी कि किसी भी थियेटर, ड्रामा, म्यूजिक प्रोग्राम के लिए बाहर से म्यूजिक सिस्टम नहीं लाना पड़ेगा। गैलरी को खासतौर पर आर्ट व एग्जिबिशन के लिए बनाया गया है। वहीं सभागार को जरूरत के हिसाब से दो से ज्यादा हिस्सों में बांटा जा सकता है।