उन्होंने निर्देश दिया कि इमरजेंसी में हर समय स्ट्रेचर की उपलब्धता रहनी चाहिए और मुख्य गेट पर गार्ड की तैनाती भी हो। इसके बाद माइनर ओटी में एसी और पंखा नहीं होने पर नाराजगी जताई। पोषण पुनर्वास केंद्र की डायरी तथा मेस में खाने की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद वह पहली और दूसरी मंजिल पर वार्डों में पहुंचे, जहां अस्पताल में भर्ती मरीजों से जानकारी ली।
इमरजेंसी वार्ड में एक महिला ने बाहर से 14 सौ रुपये की दवा मंगाने की जानकारी दी। इस पर उन्होंने कहा कि कौन सी दवा और क्यों मंगाई गई है, इसकी जानकारी वह लेंगे। अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर दवा खरीद रही युवती से बात कर दवाओं की जानकारी ली।