प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को डीरेका में विकलांगों को उनकी जरूरत के उपकरण बांटेंगे। छूटे विकलांगों के लिए शनिवार को डीरेका में लगे शिविर में इतनी भीड़ उमड़ी कि व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया। शाम चार बजे के तय समय से पहले ही अपराह्न दो बजे शिविर का समापन करना पड़ा। इस दौरान नौ सौ विकलांगों के पंजीयन हुए। शिविर में फैली अव्यवस्था को देखते हुए प्रशासन अब नए सिरे से उपकरण वितरण की तैयारियाें में जुटा है। सोमवार को विकलांगों के लिए सभी ब्लाक मुख्यालयों और नगर निगम मुख्यालय पर पंजीयन शिविर लगाया जाएगा लेकिन इन्हें उपकरण अब 22 फरवरी को दिए जाएंगे।
दरअसल, डीरेका में शिविर के दौरान फैली अव्यवस्था ने मंत्रालय से जिला प्रशासन तक के अफसरों के माथे पर बल ला दिया है। रायफल क्लब में हुई बैठक के बाद केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा कि समन्वय के अभाव में शिविर में अव्यवस्था फैली। मंत्रालय, प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाएं, एलिम्को के बीच समन्वय नहीं बन पाया।
शाम को रायफल क्लब में केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में तय हुआ कि छूटे विकलांगों के लिए सोमवार को सभी ब्लाक और नगर निगम मुख्यालय पर शिविर लगाया जाएगा।
दरअसल डीरेका मैदान की क्षमता 10 हजार कुर्सियां लगाने की ही हैं। इससे अधिक भीड़ होने पर अव्यवस्था फैल सकती है। इसे देखते हुए तय हुआ कि अब दस हजार के भीतर ही विकलांगों को उपकरण बांटे जाएंगे। बैठक में महापौर रामगोपाल मोहले, मंत्रालय के सचिव लव वर्मा, कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, डीएम, एडीएम सिटी आदि अधिकारी मौजूद रहे।