निगमीकरण के विरोध में डीरेका बचाओ संघर्ष समिति ने बुधवार को कारखाने के अंदर और बाहर कार्यस्थलों पर हस्ताक्षर अभियान चलाया। कर्मचारियों ने कहा कि हम अपना विरोध राष्ट्रहित में कर रहे हैं। हम इस तुगलकी फ रमान का विरोध नहीं करेंगे तो आने वाले समय में समाज का जो नुकसान होगा शायद ही उसकी भरपाई हो पाए।
वक्ताओं ने कहा कि इस आधुनिक युग में किसी भी कर्मचारी का परिवार 10 से 15 हजार के मानदेय मेें गुजर बसर नहीं कर पाएगा। हस्ताक्षर अभियान में इंजन डिवीजन के कर्मचारी परिषद के सदस्य प्रदीप यादव, सदस्य कर्मचारी परिषद नवीन सिन्हा और डीरेका बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक बीडी दुबे ने कहा कि जिस तेजी से निगमीकरण की तरफ भारत सरकार बढ़ रही है वह देश हित में नहीं है।
सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि 24 जुलाई को कारखाने के पूर्वी गेट से जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद डीरेका प्रशासन भवन के सामने एक आम सभा का आयोजन किया जाएगा।
हस्ताक्षर अभियान में डीएलडब्लू रेल मजदूर यूनियन के महामंत्री राजेंद्र पाल, मेंस यूनियन के अरविंद श्रीवास्तव, मेंस कांग्रेस के राजेश कुमार, एससीएसटी एसोसिएशन के सरदार सिंह, ओबीसी एसोसिएशन के हरिशंकर यादव तथा सदस्य कर्मचारी परिषद अजीमुल हक, विनोद सिंह, वीपी सिंह, रामायण सिंह यादव, रूप सिंह मीणा, हरीश शंकर कश्यप, इरशाद अहमद, अशोक गांधी, टीएन तिवारी, रितेश सिंह आदि उपस्थित रहे।