इलेक्ट्रिक रेल इंजन और डीरेका के सदस्य
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6000 हॉर्सपावर के अपने पहले इलेक्ट्रिक इंजन के निर्माण के साथ ही डीजल रेल कारखाना (डीरेका) ने नए युग में प्रवेश कर लिया है।
इस बड़ी उपलब्धि पर रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर डीरेका की पूरी टीम को बधाई दी है।
डीरेका के नवनिर्मित ‘डब्ल्यूएपी-7 इलेक्ट्रिक इंजन’ को अब जल्द ही फील्ड ट्रायल के लिए गाजियाबाद भेजने की तैयारी है।
डीरेका अब तक सिर्फ डीजल इंजनों का निर्माण करता था। उसका पहला इलेक्ट्रिक इंजन 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है और होटल लोड क्षमता से भी लैस है।
डीजल रेल इंजनों के निर्माण में डीरेका पहले ही अपना लोहा मनवा चुका है।
डीरेका के इंजन भारत ही नहीं, दर्जन भर से अधिक दूसरे देशों में भी रेल परिवहन का भार सफलतापूर्वक खींच रहे हैं।
अब डीरेका ने इलेक्ट्रिक रेल इंजन बनाने की भी क्षमता हासिल कर ली है।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु के निर्देशन में रेलवेे बोर्ड की तरफ से यह लक्ष्य डीरेका को दिया गया था।