वाराणसी जिले में लंका थाना क्षेत्र के बालाजी नगर कॉलोनी निवासी रिटायर्ड प्रधानाचार्य शंकर सिंह यादव को साइबर ठगों ने महाराष्ट्र पुलिस का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट कर ठगी का शिकार बनाया। ठगों ने डर और दबाव बनाकर तीन लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। हालांकि बैंककर्मी की सतर्कता से आगे की बड़ी रकम ठगी होने से बच गई।
पीड़ित शंकर सिंह यादव के मोबाइल पर सोमवार को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को महाराष्ट्र पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाता खोला गया है। जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध गतिविधियां की जा रही हैं। इसके बाद ठगों ने वीडियो कॉल किया, जिसमें एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में दिखाई दिया और खुद को अधिकारी बताते हुए मामले को गंभीर बताया।
इसे भी पढ़ें; IMS BHU: आईएमएस बीएचयू में सप्ताह में 74 घंटे से ज्यादा काम नहीं करेंगे जूनियर डॉक्टर, इस वजह से लिया निर्णय
ठगों ने शंकर सिंह यादव को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाते हुए कहा कि अगर मामले को दबाना है तो उन्हें 50 लाख रुपये देने होंगे। डर और घबराहट में आकर पीड़ित ने तीन लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। पैसे मिलने के बाद भी ठग लगातार दबाव बनाते रहे और और अधिक रकम की मांग करते हुए उन्हें बैंक से लोन लेने को कहा।