ग्राहक खरीदारी के बाद मोबाइल से भुगतान करते हैं, जिससे नकदी रखने की जरूरत कम होती है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) संबंधी इस प्रस्तावित व्यवस्था को दीपावली तक के लिए स्थगित कर दिया है। व्यापारी रमेश जायसवाल, अशोक ने कहा कि इस स्थगन से ज्यादा राहत नहीं मिली है। शुल्क लगाने की बजाय डिजिटल भुगतान की सुविधा पहले की तरह जारी रखी जानी चाहिए।
यूपीआई से दो हजार रुपये से अधिक भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से उनके कारोबार पर असर पड़ेगा। दिवाली तक टालने से केवल कुछ समय के लिए राहत मिली है, इसलिए प्रस्तावित शुल्क की पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए।
यूपीआई से भुगतान करना ग्राहकों के लिए आसान है। ज्यादातर ग्राहक खरीदारी के बाद मोबाइल से भुगतान करते हैं। इस पर शुल्क लगने से दुकानदारों को अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसलिए टालने की वजाय सरकार को इसको पूरी तरह वापस लेना चाहिए। - प्रवीण दीक्षित, दीक्षित इंफोकॉम
एमडीआर को दीपावली तक टालना समस्या का समाधान नहीं है क्योंकि ग्राहक अब नकदी की वजाय यूपीआई से ही भुगतान करना पसंद कर रहे हैं। सरकार को पहले की तरह बिना बिना शुल्क के डिजिटल भुगतान जारी रखना चाहिए। - सुधीर बरनवाल, टीसू इलेक्ट्रानिक