कमिश्नरी सभागार में अनुपमा दुबे, दीक्षा सिंह एवं यास्मीन बानो
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प्रधानमंत्री ने अनुपमा दुबे को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति देश की ताकत है और वाराणसी में बुनकरों की सहायता एवं सुविधा के लिए लालपुर में हस्तकला संकुल भी बनाया गया है। इस दौरान डिज़ी बुनाई सॉफ्टवेयर से कार्य करने वाली बुनकर दीक्षा सिंह एवं यास्मीन बानो भी प्रधानमंत्री से वार्ता के दौरान मुखातिब रहीं।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के कोने कोने से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े डिजिटल इंडिया के विभिन्न प्लेटफार्म से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ऑनलाइन शिक्षा से लेकर चिकित्सा तक के लिए विकसित किए गए प्लेटफॉर्म से करोड़ों भारतीयों को फायदा हो रहा है।
बनारस के बाबतपुर क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव की रहने वाली अनुपमा दुबे से पीएम ने संवाद किया। प्रधानमंत्री ने हर हर महादेव के संबोधन के बाद अनुपमा से उनके द्वारा किये गए डीजी बुनाई के बारे में पूछा। जिसपर अनुपमा ने बताया कि उन्होंने डिजिटल इंडिया के तहत डीजी बुनाई के लिए तीन माह की ट्रेनिंग की। जिसने उनकी जिंदगी को बदल कर रख दिया। बताया कि पेन टैबलेट के माध्यम से डिजाइन बनाकर उसका प्रिंट आउट निकलने के बाद उसे साड़ी, दुपट्टा, स्ट्रॉल, मास्क आदि पर कपड़े के प्रिंटिंग मशीन से आसानी से प्रिंट कर लेती हैं।
एक साड़ी बनाने में तीन से 3.50 हजार का खर्च आता है। जिसे हुनर बनारस के एप या पोर्टल के माध्यम से सेल किया जाता है। अनुपमा ने बताया कि एक साड़ी से उन्हें 500 रूपरे व सूट से 300 रुपये की आमदनी हो रही है। अंत मे प्रधानमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं दी और उनके उज्वल भविष्य की कामना की। अनुपमा में भी उनका हृदय से धन्यवाद किया। इस दौरान अनुपमा के अलावा यासमीन बनो और दीक्षा सिंह भी मौजूद रहीं। जो इस हुनर के माध्यम से लाभ प्राप्त कर रही हैं।