नगर आयुक्त ने कहा कि स्व-गणना करने वाले परिवारों को 22 मई से शुरू होने वाले जमीनी सर्वे के दौरान काफी सुविधा होगी। जब प्रगणक घर पहुंचेंगे तो उन्हें केवल अपनी एसई आईडी दिखानी होगी। यदि डेटा रिकॉर्ड से मेल खाता है, तो उसे तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा, जिससे समय की बचत होगी। नगर आयुक्त ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है और डेटा एन्क्रिप्शन के जरिये सुरक्षित रखा गया है। कहा कि जनगणना के दौरान आपसे किसी भी प्रकार की बैंक जानकारी या आधार संख्या जैसे दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे। वहीं, प्रगणक के आने पर उनका आधिकारिक पहचान पत्र अवश्य देखें। कहा कि यह प्रक्रिया विकास योजनाओं की नींव तैयार करने का आधार है, न कि नागरिकता का प्रमाण।
जनगणना का पहला चरण (हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग) मई-जून 2026 में चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा। इसमें जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार और जातिगत जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाएंगे। नगर निगम प्रशासन ने इस डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए प्रगणकों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और आम जनता से इस जनअभियान से जुड़ने की अपील की है।
1- वेबसाइट पर जाएं : आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल (
se.census.gov.in) खोलें।
2- ओटीपी के माध्यम से वेरिफिकेशन पूरा करें।
3- लॉगिन करें : अपना राज्य/केंद्र शासित प्रदेश चुनें, कैप्चा भरें और ''Verify & Proceed'' पर क्लिक करें।
4- अपने घर का स्थान मानचित्र पर चिन्हित करें और मकान का विवरण भरें।
5- परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें। फॉर्म में 33 प्रश्न होंगे, जिनमें परिवार के सदस्यों की संख्या, घर का प्रकार, सुविधाएं आदि शामिल हैं।
6- सबमिशन : सभी जानकारी की जांच करने के बाद फॉर्म सबमिट करें। सबमिट करने के बाद एक 11 अंकों की ''सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी'' (SE ID) मिलेगी। इसे सुरक्षित रखें।
7- जब सरकारी कर्मचारी (प्रगणक Enumerator) आपके घर आएं, तो उन्हें यह SE ID जरूर दिखाएं। वह आपकी भरी हुई जानकारी को सत्यापित करेंगे।
नोट : केवल आधिकारिक पोर्टल (
se.census.gov.in) का ही उपयोग करें।