उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में कथित तौर पर धर्म परिवर्तन करनेवाले एक केंद्र के संचालक का पुलिस ने सोमवार को चालान कर दिया। मरदह थाना क्षेत्र के सिगेंरा गांव की दलित बस्ती में बिना अनुमति के प्रार्थना सभा संचालित करने का आरोप था। बीते रविवार को प्रार्थना सभा में धर्म परिवर्तन कराने की सूचना मिलने पर पुलिस ने संचालक को अपने हिरासत में ले लिया था।
इसके बाद प्रार्थना सभा चलाने के लिए उनसे कागजात मांगे गए, लेकिन संचालक के पास कोई कागजात न मिलने पर पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई की। रविवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह को दिन में सूचना मिली थी कि सिंगेरा गांव स्थित दलित बस्ती में धर्म परिवर्तन के लिए ईसाई मिशनरियों द्वारा प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है।
यह जानकारी होते ही वह सदस्यों के साथ मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने प्रार्थना सभा के संचालक मुन्ना भारती से बातचीत करते हुए इसकी जानकारी पुलिस को दी थी। सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची तो बस्ती वासियों में अफरा-तफरी मच गई थी।
पुलिस ने प्रार्थना सभा स्थल की जांच-पड़ताल करते हुए संचालक से संबंधित कागजात मांगे थे, लेकिन कोई लिखित प्रमाण न देने एवं हीलाहवाली से पुलिस संतुष्ट नहीं हुई और संचालक को हिरासत में लेकर थाना ले आई थी।
इस संबंध में पुलिस ने बताया कि मऊ जिला के सरायलखंसी थाना के बढ़ुआ गोदाम निवासी संचालक मुन्ना भारती के पास प्रार्थना सभा चलाने से संबंधित कोई कागजात नहीं मिला। वह बिना अनुमति के प्रार्थना सभा करता था। इस लिए उसका चालान कर जेल भेज दिया गया।
बेटी को बंधक बनाकर चर्च के लिए जमीन देने का दबाव
ईसाई धर्म में परिवर्तन और नाबालिग के अपहरण करने और चर्च के लिए जमीन देने के लिए उसे बंधक बनाने के आरोप में जौनपुर सीजेएम राहुल आनंद ने छह आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
वादिनी ने कोर्ट में अधिवक्ता बृजेश सिंह के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि कुद्दूपुर बच्छे गांव निवासी आरोपी दशरथ चौहान, मुन्नालाल चौहान, दीनानाथ चौहान, राजेंद्र चौहान, फौजदार चौहान व धनराज चौहान ईसाई धर्म का प्रचार करने के नाम पर नौजवानों व बच्चों को बहला-फुसलाकर सनातन धर्म से ईसाई धर्म में परिवर्तन का कार्य कर रहे हैं।
वादिनी के बच्चों को भी लालच देकर बहला फुसला दिए। वादिनी के विरोध करने पर उसे व परिवार को जान से मारने की धमकी दी। 28 जुलाई 2018 को वादिनी की नाबालिग पुत्री को ईसाई धर्मसभा में बहला-फुसलाकर बुलाया और धर्म परिवर्तन के लिए कहा। उस वक्त वादिनी व उसके पति बाहर गए थे। लौट कर आने पर उसे इस बात का पता चला तो वह वहां पहुंची और शिकायत की।
इस पर आरोपियों ने धमकी दी कि तुम लोग सपरिवार ईसाई धर्म ग्रहण करो और अपनी जमीन चर्च बनाने के लिए दान करो। उसके बाद ही तुम्हारी लड़की को छोड़ा जाएगा। अन्यथा उसको बेच दिया जाएगा। जब तक चर्च के लिए जमीन नहीं मिलेगा तब तक तुम्हारी लड़की हमारे कब्जे में रहेगी। वादिनी की पुत्री आरोपियों के कब्जे में है।
आरोपियों ने 16 सितंबर 2018 को वादिनी के पुत्र पर ट्रैक्टर से दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। किस्मत अच्छी थी कि वह बच गया। वादिनी ने घटना की सूचना थानाध्यक्ष व एसपी को दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर मामला पाते हुए प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।