स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आखिरी दिन गूगल ब्वॉय कौटिल्य को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने अगली परम धर्म संसद की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रयागराज अर्द्धकुंभ में 29 से 31 जनवरी तक धर्म संसद का दूसरा आयोजन किया जाएगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि परम धर्म संसद-1008 का उद्देश्य अन्य धर्मों का अपमान करना नहीं है।
सभी धर्मों के तौर-तरीके व विचार अलग हैं। सभी का आदर करना ही सनातन धर्म का कर्तव्य है। हमें किसी को दुख पहुंचाने का विचार छोड़, उनके अच्छे विचारों को आत्मसात करना चाहिए। सनातन धर्मी होने के नाते हमारी जिम्मेदारी सबसे अधिक है।