उन्होंने कहा कि आने वाले भक्तों को बांसफाटक कोतवालपुरा गेट नंबर ढूंढीराज गणेश होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। अस्थायी सीढ़ियों से भक्त मन्दिर के प्रथम तल पर स्थित स्वर्णमयी माता के परिसर में पहुंचेंगे। प्रथम तल पर गेट पर ही माता का खजाना और लावा वितरण भक्तों में किया जाएगा। भक्त पीछे के रास्ते से राम मंदिर परिसर होते कालिका गली से निकास दिया जाएगा।
सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में जगह-जगह वालेंटियर अपने पहचान पत्र के साथ तैनात किए जाएंगे। मंदिर प्रबंधक काशी मिश्रा ने बताया कीं सुरक्षा की दृष्टी से मन्दिर परिसर में दो दर्जन सीसी टीवी कैमरे लगाए गए हैं। मेडिकल टीम की व्यवस्था मंदिर प्रांगण में रहेगी।
स्वर्णमयी माँ अन्नपूर्णा का पांच दिन का दर्शन प्रतिदिन भोर में 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक होगा वीआईपी समय शाम 5 से 7 रहेगा। वृद्ध और दिव्यांग को भी मिलेगा सुगम दर्शन। इस दौरान प्रमुख रूप से हरिद्वार नीलकंठ से पधारे शिवांनंद गिरी, प्रदीप श्रीवास्तव, धीरेन्द्र सिंह राकेश तोमर अभिषेक शर्मा समेत मंदिर परिवार रहा।