शालिनी ने बताया कि यूपीपीसीएस की परीक्षा में दूसरी बार में सफलता हासिल की। शिक्षा से एक दशक से जुड़ी हुई हूं। इसलिए मेरा फोकस बच्चियों की शिक्षा पर रहेगा। सरकार ने लड़कियों के लिए तमाम योजनाएं चलाई हैं, जिसका लाभ मिल रहा है।
नई शिक्षा नीति आने वाले दिनों में परिवर्तन लाएगी। शिक्षकों की मॉनिटरिंग व समय-समय पर ट्रेनिंग देनी होगी। शिक्षकों को अपने दायित्वों को समझना होगा। नमिता शरण पत्नी शिशिर कुमार सिन्हा वर्तमान में पति के साथ गोरखपुर में रह रही हैं। नमिता ने यूपीपीसीएस परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने यह सफलता तीसरी बार में अर्जित की है।
इसके पहले नमिता का बिहार में वर्ष 2016 में जिला प्रोबेशन अधिकारी के पद पर चयन हुआ था। उन्होंने छह माह हाजीपुर में ट्रेनिंग भी की और सीवान में नियुक्त मिली। इसी बीच उप्र में वर्ष 2017 में जिला खाद्य विपणन अधिकरी के पद पर चयन हो गया। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी के पद से इस्तीफा दे दिया, लेकिन अभी तक 2017 की परीक्षा का नियुक्ति पत्र नहीं आया है।
इस बीच यूपीपीसीएस 2018 में पुलिस उपाधीक्षक के पद चयन हो गया। वह पुलिस उपाधीक्षक का पद ज्वाइन करेंगी और महिलाओं व समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने की कोशिश करेंगी। इसके अलावा पुलिस व आमजन के बीच की दूरी को मित्रवत संबंध में बदलने का प्रयास भी करेंगी। दोनों ने सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ ही सास-ससुर व पति को दिया।