अब तक गर्भ गृह के चार गेट में से दो गेट से श्रद्धालु प्रवेश करते थे और दो गेट से बाहर निकलते थे। इससे दर्शन पूजन में समय लगता था। सावन में की गई झांकी दर्शन की व्यवस्था से सभी गेट से बाबा के दर्शन हो रहे हैं। मंदिर के अधिकारियों के अनुसार, सावन के सोमवार को श्रद्धालु चार से पांच घंटे खड़े होने के बाद बाबा के दर्शन कर पाते थे। झांकी दर्शन की व्यवस्था से इसमें अधिकतम दो घंटे ही लगते हैं।