संत रविदास के मंदिर पर रविदासिया धर्मध्वजा के साथ ही स्वर्ण निशान भी लगाया गया। संत मनदीप दास ने धर्म ध्वजा फहराई। इटली के एक श्रद्धालु ने मंदिर को स्वर्ण निशान दान दिया है। सुबह सात बजे रविदासिया धर्म की ध्वजा फहराई गई। इसके बाद पूरा मेला क्षेत्र जो बोले सो निर्भय, रविदास शक्ति अमर रहे, सदगुरु महाराज की जय..., जय गुरुदेव तन गुरुदेव... के जयकारों से गूंज उठा। संत रविदास की जयंती पर बेगमपुरा गुरु भक्ति और सेवा भाव में डूब गया।
जयंती पर पहली बार नहीं शामिल हुए संत निरंजन दास
डेरा सच्च खंड बल्लां के गद्दीनशीन संत निरंजन दास पहली बार रविदास जयंती में नहीं पहुंच सके। इससे रैदासियों में थोड़ी मायूसी रही, लेकिन मुख्य सत्संग पंडाल में उनकी तस्वरी के दर्शन का रेला लगा रहा। जिसकी संत रविदास के प्रति जितनी श्रद्धा थी, उसने उतना दान किया।
शोभायात्रा में दिखा श्रमसाधक संत का संघर्ष
संत रविदास की जयंती पर शाम को शहर भर से लाग विमान निकले। लाग विमानों पर संत की जीवन यात्रा, श्रम साधना के साथ ही उनके दोहे और संदेश भी आम जनता को जागरूक कर रहे थे। मैदागिन से रविदास जयंती शोभायात्रा आरंभ हुई और सीरगोवर्धन पहुंचकर यात्रा पूर्ण हुई। शोभायात्रा के दौरान संगीत की तेज धुन पर नाचते-गाते युवाओं की टोलियां भी साथ चल रही थीं।