बीसी सखियों ने विकास भवन में किया प्रदर्शन।
- फोटो : संवाद
संविदाओं का कहना है कि कई को पूरा मानदेय नहीं मिला है, जबकि कुछ को दो या चार महीने का ही भुगतान हुआ है। बीसी संविदाओं ने पंचायत स्तर पर मनरेगा भुगतान का कार्य उन्हें सौंपने की मांग भी की है। उनका कहना है कि इस संबंध में शासनादेश के बावजूद कार्य नहीं मिल रहा है।
वहीं, पूर्व में बैंकों की ओर से उपलब्ध कराई गई मशीनें खराब होने और पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने के कारण कई वर्षों से काम प्रभावित होने की बात कही गई है। बैंकों के साथ काम करने के लिए आवश्यक मशीन और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। चेतावनी दी कि यदि एक महीने के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जिले की सभी बीसी संविदाएं जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगी।
प्रदर्शन में रीता, इंद्रावती, संगीता सिंह, चिंता, सोनमती देवी, शांति, आरती, जूली देवी, सुषमा, मंजूलता आदि शामिल रहे। इस संबंध में एनआरएलएम के पुनीत कुमार गुप्ता ने बताया कि सक्रिय बीसी सखियों का निर्धारित मानदेय जारी हुआ है। बीसी सखियों के लिए ग्राम पंचायतों में बैठने की व्यवस्था के लिए पूर्व में ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी किया गया है।