फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देव दीपावली: 11 लाख दीपों से जगमगाएगी काशी, एक लाख दीप गाय के गोबर बनेंगे; लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी भी

Sat, 03 Oct 2026 09:06 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

काशी में 24 नवंबर को देव दीपावली भव्य रूप में मनाई जाएगी। आयोजन में 11 लाख से अधिक दीप जलाने की तैयारी है, जिसमें करीब एक लाख गोबर के दीये पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। गंगा घाटों के साथ तालाब और कुंड भी रोशन होंगे। गंगा महोत्सव 20 से 23 नवंबर तक होगा। फसाड लाइटिंग, इलेक्ट्रिक लाइटिंग, लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी प्रस्तावित है।
विज्ञापन
देव दीपावली की शुभकामनाएं - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी इस वर्ष भव्य देव दीपावली की साक्षी बनेगी। योगी सरकार 24 नवंबर को होने वाले इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारियों में जुटी है। पर्यटन विभाग के अनुसार, काशी के गंगा घाटों को 11 लाख से अधिक दीपों से सजाया जाएगा। इनमें करीब एक लाख दीप गाय के गोबर से निर्मित होंगे, जो पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देंगे।

विज्ञापन


देव दीपावली को प्रांतीय मेले का दर्जा दिया गया है, जिससे इसका स्वरूप और व्यापक हो गया है। सरकार की तैयारियों के साथ जनभागीदारी से गंगा घाटों के अलावा तालाबों और कुंडों पर भी लाखों दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। जब काशी के अर्धचंद्राकार घाट लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाएंगे, तब गंगा की लहरों पर प्रतिबिंबित होती दीपों की आभा सनातन परंपरा को जीवंत करेगी। यह आयोजन आस्था, अध्यात्म और जनभागीदारी का अद्भुत संगम दर्शाता है। 

कार्तिक पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर बाबा विश्वनाथ की नगरी में देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी इस अनुपम दृश्य के साक्षी बनते हैं। देव दीपावली अब काशी की सीमाओं से निकलकर वैश्विक पहचान बना चुकी है। हर वर्ष बड़ी संख्या में देसी-विदेशी पर्यटक इस दिव्य और भव्य दीपोत्सव को देखने वाराणसी पहुंचते हैं। प्रशासन श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियों में जुटा है। देव दीपावली के अवसर पर लेजर प्रदर्शन और हरित आतिशबाजी का भी आयोजन प्रस्तावित है।

विज्ञापन

प्रांतीय मेले का दर्जा और भव्यता
देव दीपावली ने विश्व स्तर पर काशी की एक अलग पहचान बनाई है। योगी सरकार द्वारा इसे प्रांतीय मेले का दर्जा दिए जाने के बाद आयोजन को और व्यापक एवं भव्य स्वरूप मिल रहा है। सरकार के साथ जनभागीदारी से गंगा घाटों के अलावा तालाबों और कुंडों पर भी लाखों दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। देव दीपावली के अवसर पर घाटों की विशेष साफ-सफाई की जाएगी। गंगा किनारे स्थित ऐतिहासिक घाटों को मुखौटा प्रकाश व्यवस्था और विद्युत प्रकाश व्यवस्था से सजाया जाएगा। दीपों की रोशनी और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था के बीच काशी की सदियों पुरानी स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विरासत का भव्य स्वरूप श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने उभरकर आएगा।

गंगा महोत्सव और देव दिवाली
पर्यटन विभाग के अनुसार, गंगा महोत्सव का आयोजन 20 से 23 नवंबर तक किया जाएगा। देव दिवाली 24 नवंबर को होगी। काशी के इन दोनों प्रमुख आयोजनों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। गंगा महोत्सव और देव दीपावली वाराणसी की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान से गहराई से जुड़े हैं। श्रद्धालुओं की आस्था और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
विज्ञापन

सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन भीड़ प्रबंधन और सुगम आवागमन के लिए विस्तृत योजना बना रहा है। चिकित्सा सुविधाएं और आपातकालीन सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। पर्यटकों को काशी के दिव्य अनुभव का अवसर मिलेगा। यह आयोजन काशी की समृद्ध परंपरा को विश्व पटल पर प्रस्तुत करेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें