प्रांतीय मेले का दर्जा और भव्यता
देव दीपावली ने विश्व स्तर पर काशी की एक अलग पहचान बनाई है। योगी सरकार द्वारा इसे प्रांतीय मेले का दर्जा दिए जाने के बाद आयोजन को और व्यापक एवं भव्य स्वरूप मिल रहा है। सरकार के साथ जनभागीदारी से गंगा घाटों के अलावा तालाबों और कुंडों पर भी लाखों दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। देव दीपावली के अवसर पर घाटों की विशेष साफ-सफाई की जाएगी। गंगा किनारे स्थित ऐतिहासिक घाटों को मुखौटा प्रकाश व्यवस्था और विद्युत प्रकाश व्यवस्था से सजाया जाएगा। दीपों की रोशनी और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था के बीच काशी की सदियों पुरानी स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विरासत का भव्य स्वरूप श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने उभरकर आएगा।
गंगा महोत्सव और देव दिवाली
पर्यटन विभाग के अनुसार, गंगा महोत्सव का आयोजन 20 से 23 नवंबर तक किया जाएगा। देव दिवाली 24 नवंबर को होगी। काशी के इन दोनों प्रमुख आयोजनों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। गंगा महोत्सव और देव दीपावली वाराणसी की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान से गहराई से जुड़े हैं। श्रद्धालुओं की आस्था और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन भीड़ प्रबंधन और सुगम आवागमन के लिए विस्तृत योजना बना रहा है। चिकित्सा सुविधाएं और आपातकालीन सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। पर्यटकों को काशी के दिव्य अनुभव का अवसर मिलेगा। यह आयोजन काशी की समृद्ध परंपरा को विश्व पटल पर प्रस्तुत करेगा।