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कैसे होगी देव दीपावली?: पूजा समितियों ने गिनाई समस्या, बोले- घाटों पर सिल्ट, टूटी हैं सीढि़यां; बह गई रेलिंग

Sun, 02 Nov 2025 03:55 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी की पूजा समिति से जुड़े लोगों ने अमर उजाला में आयोजित संवाद कार्यक्रम में खुलकर अपनी रखी। देव दीपावली से घाट किनारे व्याप्त समस्याओं को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी जताई।
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अमर उजाला ऑफिस में आयोजित संवाद में माैजूद पूजा समिति के लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देव दीपावली पांच नवंबर को है। इससे पहले ही पूजा समितियों ने अमर उजाला संवाद में समस्याएं गिनाईं। समितियों के पदाधिकारियों ने कहा कि गंगा घाटों, कुंडों और तालाबों पर गंदगी है। घाटों पर सिल्ट जमा है। सीढि़यां टूटी हैं। बाढ़ में सक्का घाट की रेलिंग बह गई है। इससे श्रद्धालुओं को दिक्कत हो रही है। तालाब और कुंडों के आसपास भी सफाई नहीं हुई। समय से सफाई और व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो देव दीपावली पर दिक्कत आएगी।

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केंद्रीय देव दीपावली समिति के अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्र ने कहा कि गंगा किनारे 400 साल पुराने देवालय हैं। लैंड यूज बदलकर इनका स्वरूप बदला जा रहा है। काशी की संस्कृति प्रभावित होगी। नगर निगम को व्यवस्था बनानी चाहिए कि पुरानी इमारतों से जुड़ी भूमि का लैंड यूज न बदला जाए। 

इससे घाटों और उसके आसपास का स्वरूप बना रहेगा। नगर निगम की तरफ से आए सहायक नगर आयुक्त इंद्र विजय ने व्यवस्था दुरुस्त कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि देव दीपावली से पहले ही सभी समस्याओं का समाधान होगा। सफाई के लिए 350 अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए। 

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गंगा के घाट बनाए जाएं नशामुक्त जोन
गंगा घाटों पर इन दिनों नशेड़ियों का जमावड़ा हो रहा है। समितियों ने बताया कि विरोध करने पर ये लोग मारपीट और गाली-गलौज पर उतारू हो जाते हैं। प्रशासन इस पर अंकुश लगाए। पुलिस चौकियां बढ़ाई जाएं ताकि गंगा के तट पर नशा करने वालों पर रोक लग सके। समितियों ने घाटों, कुंडों और तालाबों को डिजिटलाइज करने की मांग उठाई। कहा कि ऐसा करने से इनके बारे सभी तरह की जानकारी लोगों को मिल जाएगी। साथ ही इनकी समस्याओं को भी दूर करने में आसानी होगी। उन्होंने घाटों को नशामुक्त जोन बनाने की मांग रखी।

समितियां महीने में एक दिन करेंगी सफाई
केंद्रीय देव दीपावली से जुड़ी समितियां हर महीने में एक दिन सभी घाटों पर सफाई करेंगी। समिति के अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्र ने बताया कि पहले महीने में एक दिन, फिर सप्ताह में एक दिन करने का प्रयास होगा। देव दीपावली के अगले दिन नगर निगम के साथ निजी संस्थाएं सफाई के लिए श्रमदान करेंगी। 

देव दीपावली पर शोधार्थियों को होती है दिक्कत
देव दीपावली पर शोध करने शोधार्थी आए दिन काशी आते हैं, लेकिन उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पाती है। प्रशासन से घाट पर जगह चिन्हित करने की मांग की गई जिससे कि इस उत्सव से जुड़ी थाती को संरक्षित रखा जा सके, शोधार्थियों को सही जानकारी मिल सके। 

ये समस्याएं दूर कराई जाएं
  • अस्सीघाट व सोनातालाब से अतिक्रमण हटावाया जाए। सफाई हो।  
  • घाटों के साथ गंगा की तलहटी में जमा कचरा साफ हो
  • धनेसरा तालाब से गंदगी दूर कराएं। अवैध कब्जा हटाया जाए।
  • अग्नि अखाड़ा घाट, सक्का, गोलाघाट, शिवाला घाट, क्षेमेश्वर घाट की रेलिंग व सीढि़यां टूटी हैं। 
  • पंच अग्नि अखाड़ा घाट पर लाइट नहीं है। सिल्ट जमा है।
  • बलुआ घाट से मछली मंडी हटपाएं। कूड़ा डंप करने से बदबू आ रही है।
  • राजघाट पर लगा एलईडी टीवी बंद है। सुरक्षा बढ़ाई जाए। 
  • चित्रकूट तालाब, ईश्वरगंगी तालाब, हनुमान कुंड बड़ी गैबी पर गंदगी व पानी की निकासी नहीं है। 

इन्होंने गिनाईं समस्याएं 
गंगाधर उपाध्याय, श्रवण कुमार मिश्र, शिवम अग्रहरि, शिवम कुमार पांडेय, जितेंद्र सिंह, नीरज द्विवेदी, आयुष सिंह, रत्नाकर त्रिपाठी, प्रदीप पाल, श्रीप्रकाश मिश्र, राजू पाल कन्नौजिया, विक्रम गौड़, राजेश्वरी, विक्रम पांडेय, चेतन भारद्वाज।

घाट की सीढि़यों पर दीप जलाएं, विद्युत झालर नहीं 
घाटों की सीढि़यों पर दीपक जलाए जाएं। केंद्रीय देव दीपावली समिति के उपाध्यक्ष गंगाधर उपाध्याय ने कहा कि घाट की सीढि़यों पर विद्युत झालर न लगवाएं। दीपक जलाए जाएं। समितियां इसमें पूरा सहयोग करेंगी। 
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350 अतिरिक्त कर्मचारी लगाए
नगर निगम की ओर से घाटों और कुंडों को ठीक रकने की तैयारी जोरों पर चल रही है। सहायक नगर आयुक्त इंद्र विजय ने बताया कि 84 घाटों और कुंडों को ठीक करने के लिए नोडल बनाए गए हैं। 350 अतिरिक्त कर्मचारी घाटों पर लगाए गए हैं। इसके अलावा ज्यादा भीड़-भाड़ वाले दशाश्वमेध, अस्सी व राजघाट पर 50-50 अतिरिक्त कर्मचारी तैनात रहेंगे। अर्पण कलश बनाए जा रहे हैं। जिन घाटों पर बिजली नहीं है वहां अस्थायी बिजली की व्यवस्था की जाएगी। घाटों पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
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