केंद्रीय देव दीपावली समिति की ओर से प्रेस वार्ता
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न्यास अध्यक्ष ने गंगा आरती करने वाली समितियों के निर्णय पर सख्त एतराज जताते हुए कहा कि काशी के विद्वान, ज्योतिषाचार्य और धर्ममर्मज्ञों ने एकमत से 26 नवंबर को देव दीपावली के आयोजन पर सहमति दी है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों में भी शास्त्रोक्त तिथि के अनुसार ही देव दीपावली के अनुष्ठान व दीपदान होंगे।
समितियां अपना निर्णय किसी भी तरह से जनता पर थोप नहीं सकती हैं। पंचांग और शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्यापिनी देव दीपावली मनाई जाती है। 26 नवंबर को प्रदोष व्यापिनी देव दीपावली मिल रही है और 27 नवंबर को दो बजे के बाद पूर्णिमा नहीं मिलेगी। ऐसे में 27 नवंबर को देव दीपावली का आयोजन उचित नहीं है।
देव दीपावली पर दो-दो तिथियों के कारण होटल संचालक और नाविक भी असमंजस में हैं। छह महीने पहले से चल रही बुकिंग को अब आगे भी बढ़ाया जा रहा है। वहीं होटल और नाविक भी दो-दो दिन की बुकिंग लेकर चल रहे हैं। ऐसे में पर्यटकों और श्रद्धालुओं को परेशानी होनी तय है। देव दीपावली के लिए होटलों से लेकर वाहनों की 80 फीसदी बुकिंग हो चुकी है। एक माह पहले ही ज्यादातर होटलों में बुकिंग फुल है। ज्यादातर बुकिंग 26 नवंबर की है। टूर ऑपरेटर व होटलों संचालकों के मुताबिक इस बार देव दीपावली विदेशी पर्यटकों के ग्रुप ने बुकिंग कराई है।
अब तक करीब तीन हजार के आसपास बुकिंग ऑपरेटरों को मिली चुकी है। टूर आपरेटर उत्कर्ष बक्शी के मुताबिक मांग पूरी करने के लिए आसपास के जिलों से छोटे चार पहिया वाहन मंगाने पड़ रहे हैं। देव दीपावली पर टूर ऑपरेटरों ने पैकेज में होटलों में कमरों की बुकिंग के अलावा ट्रांसपोर्टेशन और नावों की बुकिंग करा रहे हैं। टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता के मुताबिक, इस बार पर्यटकों ने एक माह पहले ही नवंबर की बुकिंग कराई है। हालांकि अभी भी मांग को पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।