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देव दीपावली: विद्वत परिषद की सलाह दरकिनार, गंगा आरती की समितियों ने कहा- 27 को ही मनाएंगे महोत्सव

Wed, 27 Sep 2023 09:32 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

देव दीपावली पर तिथि भेद का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले रक्षाबंधन और होली पर भी तिथिभेद के कारण संशय की स्थिति बन चुकी है। गंगा आरती करने वाली समितियों ने  27 नवंबर को देव दीपावली मनाने की घोषणा की है। श्रीकाशी विद्वत परिषद ने 26 नवंबर को देव दीपावली मनाने की सलाह दी है।
 
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देव दीपावली की भव्यता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देव दीपावली की तिथि पर चल रहे संशय पर विराम नहीं लग पा रहा है। गंगा आरती की समितियां 27 नवंबर को ही देव दीपावली का उत्सव मनाएंगी।  यह जानकारी बुधवार को केंद्रीय देव दीपावली समिति के अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्र ने पराड़कर भवन में प्रेसवार्ता में दी। बताया कि काशी के पंचांगों में भेद के कारण कार्तिक पूर्णिमा देव दीपावली 26 एवं 27 नवंबर को दो अलग-अलग तारीख में पड़ेगी। इससे काफी भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

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गहन विचार विमर्श कर यह निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष पंचांगों में सनातनियों के पर्वों त्योहारों पर जिस प्रकार से भेदभाव सामने आए हैं वो चिंतनीय है। देव दीपावली का महोत्सव कार्तिक पूर्णिमा उदया तिथि वाली यानी सूर्योदय की पूर्णिमा 27 नवंबर को सायं काल मनाने का निर्णय लिया गया है। श्रीकाशी विद्वत परिषद ने 26 नवंबर को देव दीपावली मनाने की सलाह दी है।

काशी विश्वनाथ मंदिर में 26 को देव दीपावली

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में देव दीपावली के सभी आयोजन 26 नवंबर को होंगे। मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने कहा कि देव दीपावली के आयोजन शास्त्र सम्मत तिथियों पर ही होंगे। बाजार या व्यवसायी के दबाव में तिथि में किसी भी तरह का फेरबदल नहीं किया जाएगा। वहीं, प्रशासन भी इस मामले में गंभीर रुख अपनाए हुए है।
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केंद्रीय देव दीपावली समिति की ओर से प्रेस वार्ता - फोटो : अमर उजाला
न्यास अध्यक्ष ने गंगा आरती करने वाली समितियों के निर्णय पर सख्त एतराज जताते हुए कहा कि काशी के विद्वान, ज्योतिषाचार्य और धर्ममर्मज्ञों ने एकमत से 26 नवंबर को देव दीपावली के आयोजन पर सहमति दी है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों में भी शास्त्रोक्त तिथि के अनुसार ही देव दीपावली के अनुष्ठान व दीपदान होंगे।

समितियां अपना निर्णय किसी भी तरह से जनता पर थोप नहीं सकती हैं। पंचांग और शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्यापिनी देव दीपावली मनाई जाती है। 26 नवंबर को प्रदोष व्यापिनी देव दीपावली मिल रही है और 27 नवंबर को दो बजे के बाद पूर्णिमा नहीं मिलेगी। ऐसे में 27 नवंबर को देव दीपावली का आयोजन उचित नहीं है।

होटल संचालक और नाविक असमंजस में, कर रहे दो दिन की बुकिंग

काशी की देव दीपावली - फोटो : अमर उजाला
देव दीपावली पर दो-दो तिथियों के कारण होटल संचालक और नाविक भी असमंजस में हैं। छह महीने पहले से चल रही बुकिंग को अब आगे भी बढ़ाया जा रहा है। वहीं होटल और नाविक भी दो-दो दिन की बुकिंग लेकर चल रहे हैं। ऐसे में पर्यटकों और श्रद्धालुओं को परेशानी होनी तय है। देव दीपावली के लिए होटलों से लेकर वाहनों की 80 फीसदी बुकिंग हो चुकी है। एक माह पहले ही ज्यादातर होटलों में बुकिंग फुल है। ज्यादातर बुकिंग 26 नवंबर की है। टूर ऑपरेटर व होटलों संचालकों के मुताबिक इस बार देव दीपावली विदेशी पर्यटकों के ग्रुप ने बुकिंग कराई है।
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अब तक करीब तीन हजार के आसपास बुकिंग ऑपरेटरों को मिली चुकी है। टूर आपरेटर उत्कर्ष बक्शी के मुताबिक मांग पूरी करने के लिए आसपास के जिलों से छोटे चार पहिया वाहन मंगाने पड़ रहे हैं। देव दीपावली पर टूर ऑपरेटरों ने पैकेज में होटलों में कमरों की बुकिंग के अलावा ट्रांसपोर्टेशन और नावों की बुकिंग करा रहे हैं। टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता के मुताबिक, इस बार पर्यटकों ने एक माह पहले ही नवंबर की बुकिंग कराई है। हालांकि अभी भी मांग को पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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