वाराणसी में एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने गोपाल मंदिर पर दो लाख 77 हजार रुपये का हाउस टैक्स लगाए जाने के मामले में सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि 2018 में जीआईएस से बने नक्शे में लापरवाही के चलते मंदिर को आवासीय और व्यावसायिक भवन दर्शाया गया है।
विज्ञापन
एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने बताया कि मंदिर का वार्षिक मूल्यांकन 62 हजार रुपये से 2013-14 में कम कर 29 हजार 549 रुपये कर दिया गया है। इसके बावजूद वार्षिक मूल्यांकन पर 11 फीसदी की बजाय 15 फीसदी के हिसाब से सामान्य कर लगाया है। बिल में वित्तीय वर्ष के हर तीसरे महीने ब्याज लगाया गया है, जो गैरकानूनी है।
एमएलसी ने बताया कि 2018 में इस मंदिर का वार्षिक मूल्यांकन करीब 84 हजार रुपये से अधिक किया गया था और सामान्य कर 9795 रुपये आरोपित किया गया और ब्याज भी लगाया गया। मगर, 2021 में इस मंदिर को आवासीय व व्यावसायिक दिखाया जाना गलत है। उन्होंने नगर निगम से सवाल किया कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद त्रुटिपूर्ण हाउस टैक्स क्यों लगाया गया है।