करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। उमस भरी गर्मी में ओवरलोडिंग से हो रही कटौती ने उपभोक्ताओं को परेशानी में डाल दिया है। ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर का कहीं डीओ उड़ रहा है तो कहीं शॉर्ट सर्किट। इनकी मरम्मत करने में बिजली विभाग के पसीने छूट रहे हैं।
ट्रांसफार्मरों के ओवरलोड कम करने में विभाग कई तरह से उपाय कर रहा है। लोड बैलेंसिंग के अलावा बिजली चोरी के खिलाफ अभियान भी चलाया जा रहा है। बावजूद इसके ज्यादातर बिजलीघर ओवरलोड हैं। पिछले चार माह में नगरीय विद्युत वितरण मंडल प्रथम और द्वितीय में 282 व ग्रामीण में 939 ट्रांसफार्मर जल गए। लाइन लॉस रोकने के लिए विभाग की ओर से सख्त हिदायत के बाद भी ओवरलोडिंग समस्या बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक जिले में चार लाख से अधिक कनेक्शन हैं।
ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की लोड बैलेंसिंग कराई जा रही है। बिजली चोरी करने वालों पर कार्रवाई भी हो रही है। बार बार जलने वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और बदलने का काम हो रहा है-
दीपक अग्रवाल अधीक्षण अभियंता।
बिजली आपूर्ति और फाल्ट ठीक करने में विभाग ढिलाई कर रहा है। आए दिन कटौती हो रही है। ओवरलोड से पूरा इलाका परेशान है।
- विनय नगवां
बिजली कटौती से जनता परेशान है। सुबह से लेकर रात तक कई बार ओवरलोड के नाम पर कटौती होती है। शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है।
- अनिल सिंह भेलूपुरा
जले ट्रांसफार्मरों के आंकड़े
(आंकड़े एक अप्रैल से 31 जुलाई 2022)
केवीए ट्रांसफार्मर सर्किल प्रथम
25 01,
63 06,
100 10,
250 52,
400 86,
630 9
कुल 164
केवीए ट्रांसफार्मर सर्किल द्वितिय
25 02,
63 05,
100 09,
160 02
250 27
400 66
630 07
कुल 118
केवीए ट्रांसफार्मर विद्युत वितरण मंडल ग्रामीण
10 106
16 08
25 495
63 207
100 107
250 14
400 02
कुल 939