शहीद-ए-आजम भगत सिंह के भतीजे किरणजीत, अशफाक उल्ला खान के प्रपौत्र अशफाक, राजगुरु के पौत्र सत्यशील, शहीद ठाकुर रोशन सिंह के पौत्र जितेंद्र प्रताप सिंह, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के प्रपौत्र शैलेष, क्रांतिकारी भगवती चरण वोहरा की धर्मपत्नी दुर्गावती के प्रपौत्र जगदीश, झांसी की रानी की छठी पीढ़ी से योगेश राव अरुण राव, शहीद मंगल पांडेय की चौथी पीढ़ी से रघुनाथ पांडेय, सुखदेव के प्रपौत्र अनुज थापर और राम प्रसाद बिस्मिल के भतीजे राजबहादुर, ऊधम सिंह के नवासा मलकीत सिंह।
शहीद मंगल पांडेय की चौथी पीढ़ी के वंशज रघुनाथ पांडेय ने कहा कि आजादी एक धरोहर है और इसे संभाल कर रखने की जिम्मेदारी हर भारतीय की है। अपने शहीदों से प्रेरणा लेकर और उनके बलिदानों को नमन करते हुए भारत को सशक्त बनाने में योगदान करना होगा। हर हिंदुस्तानी जब आजादी की कीमत समझेगा तभी उसे देश की कीमत भी समझ आएगी।
बाल गंगाधर तिलक के प्रपौत्र शैलेष ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि सारे क्रांतिकारियों के परिवारों को एक मंच पर एकत्र किया गया। यह हमारा नहीं लोकमान्य तिलक और उनके कार्य का सम्मान है। देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है।
दिल्ली से सांसद और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज तिवारी देर रात आयोजन में शामिल हुए। चुनाव कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण वह अपने निर्धारित समय से पांच घंटे की देरी से पहुंचे। सांसद मनोज तिवारी ने आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से पूरे देश में राष्ट्र प्रेम की लहर बनने में प्रेरणादायी मदद मिलती है। इस दौरान आयोजक अजय जायसवाल, नीरज पारिख, नमित पारिख, आर्य समाज सभा के अध्यक्ष सुरेश चंद्र आर्य, स्वामी शिवानन्द एवं अजय सहगल भी उपस्थित थे। संचालन सिमरन आहूजा ने किया।