खंड विकास अधिकारी राबर्ट्सगंज के प्रभार के दौरान राजकीय धन के गबन के प्रयास और मनमानी के आरोप में उपायुक्त श्रम रोजगार मनरेगा तेजभान सिंह को शासन स्तर से निलंबित कर दिया गया। निलंबन की अवधि में वह कार्यालय आयुक्त ग्राम्य विकास आयुक्त से संबद्ध रहेंगे। मामले की जांच संयुक्त विकास आयुक्त विंध्याचल मंडल करेंगे। यह कार्रवाई मंगलवार को हुई है।
उपायुक्त श्रम रोजगार तेजभान सिंह के पास कई माह तक खंड विकास अधिकारी राबर्ट्सगंज का भी प्रभार था। आरोप है कि उस दौरान उन्होंने क्षेत्र पंचायत की ओर से कराए गए कार्यों में राजकीय धन का दुरुपयोग, गबन करने का प्रयास किया था। मनमाने तरीके से अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य किया।
इसकी शिकायत के बाद जिले स्तर पर जांच कराई गई। मामले के अनुसार, राबर्ट्सगंज ब्लॉक क्षेत्र की एक सड़क को पहले एक कार्यदायी संस्था ने किसी दूसरी निधि से बनवा दिया था। उसी सड़क को दोबारा बनाने के लिए क्षेत्र पंचायत से प्रस्तावित कर दिया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने बीडीओ रहने के दौरान कार्रवाई करने के बजाए इसे लटका दिया।
करीब ढाई-तीन माह के बाद जब वह डीसी मनरेगा के चार्ज में आए तो कार्रवाई करते हुए एक फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया। इन सभी मामलों की जांच कराई गई तो प्रथम दृष्टया तेजभान सिंह दोषी पाए गए। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी। वहां से 16 फरवरी को निलंबित कर दिया गया।
जब बीडीओ के चार्ज में नहीं थे, तब एक फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया था। यानी अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य करने के आरोप में शासन स्तर से उपायुक्त मनरेगा को निलंबित किया गया है।
डॉ. अमित पाल शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।