काशी दौरे पर आए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद ने बुधवार को सपा व कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने महाकुंभ को ऐतिहासिक बताते हुए एक घटना का भी जिक्र किया।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बुधवार को काशी पहुंचे। सर्किट हाउस में उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता पाकिस्तान नेताओं और उन्हीं की सेना की भाषा बोलते हैं। कांग्रेस को चाहिए कि भारत का चश्मा लगाएं। समाजवादी पार्टी पर कहा कि वह समाप्तिवादी की ओर है।
विज्ञापन
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर कहा कि उनकी बयानवीरता का कोई जवाब नहीं है। वह खुद तो सदन आ नहीं सकते हैं, ऐसे में अपने नेता राहुल गांधी को अपने सवाल बता दें। हम सदन में जवाब दे देंगे।
महाकुंभ में हुई मौतों पर जवाब देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि महाकुंभ ऐतिहासिक हुआ था। उसी दौरान एक दुखद घटना हुई थी, जिसका हमें खेद है, हमेशा रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस पर गहरा दुख व्यक्त कर चुके हैं।
डिप्टी सीएम ने कहा कि भारत ने विकसित भारत के अमृत काल में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के विकास की नई यात्रा तय की है। मोदी सरकार की हर योजना के केंद्र में जनकल्याण और आम नागरिक के जीवन को आसान करने के साथ-साथ देश को वैश्विक स्तर पर नए आयाम देने की भावना रही है। बीते 11 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मोदी सरकार ने सीमा सुरक्षित की, अर्थव्यवस्था मजबूत की और टेक्नोलॉजी को जन-जन तक पहुंचाया।
डिप्टी सीएम ने कहा कि एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम, ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल, आईएनएस विक्रांत, तेजस और, प्रचंड अटैक हेलिकॉप्टर जैसे स्वदेशी तकनीकों के साथ अब भारत न केवल आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति के रूप में उभर रहा है बल्कि आज रक्षा उपकरणों का निर्यात भी कर रहा है। भारत का रक्षा निर्यात 34 गुना बढ़कर 23,622 करोड़ तक पहुंच गया है। सरकार केवल सीमाओं के भीतर नहीं, विश्वभर में भारतीयों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ऑपरेशन गंगा, अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के समय ऑपरेशन देवी शक्ति और कोविड में वंदे भारत मिशन के जरिये मोदी सरकार करोड़ों भारतीयों को विदेशों से सुरक्षित लेकर आई। एक समय था जब देश के 96 जिले नक्सलवाद की चपेट में थे, सुरक्षा बलों की सशक्त कार्रवाई के कारण अब नक्सल प्रभावित जिले घटकर गिनती के रह गए हैं। नक्सल घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आ गई है।