उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को सर्किट हाउस में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उपमुख्यमंत्री ने बड़े ही साफ शब्दों में कहा कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों का समय से बेहतर उपचार हो। जांच और ऑपरेशन में किसी तरह की लापरवाही न हो। कहीं भी लापरवाही की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
सर्किट हाउस में वाराणसी मंडल (वाराणसी, जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर) के जिलों के सीएमओ, सीएमएस, एसआईसी, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य के साथ ही अपर निदेशक डॉ. दिग्विजय सिंह से सुविधाओं की जानकारी ली। वाराणसी के सीएमओ डॉ. एनपी सिंह ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में संचालित चिकित्सा सेवाओं, स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं विभागीय प्रगति की जानकारी दी।
सेवाओं की समीक्षा करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि उपचार के लिए आने वाला कोई भी मरीज आवश्यक चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे, इस पर विशेष ध्यान देना होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित ड्यूटी के साथ ओपीडी सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हों और ऑपरेशन थियेटर में उपलब्ध विशेषज्ञता एवं संसाधनों के अनुरूप ऑपरेशन किए जाएं। इसकी निगरानी भी अधिकारियों को करते रहने की जरूरत है।
मरीजों को समय से गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पतालों में जरूरी औषधियों, स्ट्रेचर, पेयजल, पर्याप्त बेड, अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल पांडेयपुर और मानसिक अस्पताल परिसर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज की प्रगति की समीक्षा भी की।
प्राचार्य डॉ. कमल कुमार से निर्माण कार्य की जानकारी ली और काम में तेजी लाते हुए निर्धारित समय सीमा में निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों की नियमित निगरानी करने को कहा। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और एएनएम के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाना होगा।