ग्राम रोजगार सेवकों ने चिरईगांव ब्लॉक मुख्यालय पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान इन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को अभी तक लागू नहीं किया गया है लिहाजा जल्द ही इस पर विचार की मांग की।
चिरईगांव उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के आह्वान पर सोमवार को चिरईगांव ब्लॉक के ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी मांगों को लेकर ब्लाक मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। संघ के जिलाध्यक्ष अतुल कुमार सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में रोजगार सेवकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने ब्लॉक मुख्यालय पर एकत्र होकर अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई।
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उन्होंने कहा कि हाल ही में लखनऊ में आयोजित रोजगार सेवकों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को अब तक लागू नहीं किया गया है, जिससे सेवकों में असंतोष व्याप्त है। प्रमुख मांगों में ग्राम रोजगार सेवकों को पंचायत सहायक के पद पर समायोजित किया जाए।
इसके साथ राज्य कर्मचारी का दर्जा देना, मानदेय को प्रशासनिक मद से हटाकर समान वेतन लागू करना, मनरेगा के अतिरिक्त ग्राम विकास विभाग के अन्य कार्यों को भी जॉब चार्ट में शामिल करना और सेवा के दौरान मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना शामिल है।
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सेवकों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपा, जो मुख्यमंत्री को संबोधित था। ज्ञापन सौंपते समय बरसाती पटेल, तेज बहादुर यादव, दुर्गावती, रागिनी यादव, योगेश प्रताप सिंह, सीता वर्मा और शिवजतन यादव समेत कई अन्य ग्राम रोजगार सेवक उपस्थित रहे।प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।