कारोबारी के घर के बाहर खड़ी आयकर विभाग की गाड़ियां
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कर चोरी के मामले में आयकर विभाग और उत्पाद शुल्क के अधिकारियों ने जर्दा कारोबारी के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। दोनों विभागों की 23 घंटे से अधिक संयुक्त छापेमारी की कार्रवाई में करोड़ों रुपये कर चोरी का मामला प्रकाश में आया है।
अधिकारियों ने कर चोरी से जुड़े सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। अचानक कार्रवाई से कारोबारियों में अफरा-तफरी की स्थिति रही।
पूर्वांचल के सबसे बड़े जर्दा कारोबारी रत्नेश जायसवाल, अंकुर और अंकुश के रामकटोरा, लहरतारा और पानदरीबा में घर और कार्यालय पर छापेमारी की।
लखनऊ, इलाहाबाद और कानपुर की आयकर और उत्पाद शुल्क की टीम मंगलवार की दोपहर बाद करीब दो बजे रामकटोरा और लहरतारा पर जा धमकी। टीम के पहुंचते और इसकी भनक लगते ही कारोबारी हक्काबक्का रह गए।
टीम ने मंगलवार को दो बजे से लेकर बुधवार की दोपह करीब एक बजे तक कर चोरी से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला। कंप्यूटर में फीड डाटा को भी देखा। अधिकारियों ने बहीखाता, कंप्यूटर की हार्डडिस्क भी उठा ले गए।
उद्यमियों और व्यापारियों में दिनभर छापेमारी की कार्रवाई की चर्चा रही। आयकर विभाग केसूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक छापेमारी के बाद करोड़ों रुपये कर चोरी का अनुमान है। इसकी पड़ताल और आकलन के बाद भी ही पूरी स्थिति साफ होगी।