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वाराणसी में जर्दा कारोबारी के तीन ठिकानों पर छापा

Wed, 28 Dec 2016 08:40 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
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कारोबारी के घर के बाहर खड़ी आयकर‌ विभाग की गाड़ियां - फोटो : अमर उजाला
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कर चोरी के मामले में आयकर विभाग और उत्पाद शुल्क के अधिकारियों ने जर्दा कारोबारी के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। दोनों विभागों की 23 घंटे से अधिक संयुक्त छापेमारी की कार्रवाई में करोड़ों रुपये कर चोरी का मामला प्रकाश में आया है।
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अधिकारियों ने कर चोरी से जुड़े सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। अचानक कार्रवाई से कारोबारियों में अफरा-तफरी की स्थिति रही।
पूर्वांचल के सबसे बड़े जर्दा कारोबारी रत्नेश जायसवाल, अंकुर और अंकुश के रामकटोरा, लहरतारा और पानदरीबा में घर और कार्यालय पर छापेमारी की।

लखनऊ, इलाहाबाद और कानपुर की आयकर और उत्पाद शुल्क की टीम मंगलवार की दोपहर बाद करीब दो बजे रामकटोरा और लहरतारा पर जा धमकी। टीम के पहुंचते और इसकी भनक लगते ही कारोबारी हक्काबक्का रह गए।

टीम ने मंगलवार को दो बजे से लेकर बुधवार की दोपह करीब एक बजे तक कर चोरी से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला। कंप्यूटर में फीड डाटा को भी देखा। अधिकारियों ने बहीखाता, कंप्यूटर की हार्डडिस्क भी उठा ले गए।
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उद्यमियों और व्यापारियों में दिनभर छापेमारी की कार्रवाई की चर्चा रही। आयकर विभाग केसूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक छापेमारी के बाद करोड़ों रुपये कर चोरी का अनुमान है। इसकी पड़ताल और आकलन के बाद भी ही पूरी स्थिति साफ होगी।
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छापे से कई बड़े कारोबारियों में हड़कंप

income tax - फोटो : income tax
शहर के जर्दा कारोबारियों के यहां आयकर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क की छापेमारी से शहर के बड़े कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। खासकर उन व्यापारियों की नींद उड़ गई है, जिन्होंने नोटबंदी के बाद से अब तक करोड़ों रुपये अपने खातों में जमा कराए हैं।

जर्दा कारोबार से जुड़े अन्य कारोबारियों में भी हड़कंप की स्थिति है। नोटबंदी के बाद एक करोड़ रुपये से अधिक लेन-देन वाले खातों की पड़ताल आयकर विभाग ने शुरू कर दी है। ऐसे सभी खातों का ब्यौरा विभाग ने बैंकों से मंगा लिया है।

अब उनकी छानबीन कर छापेमारी की जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक कई और बड़े कारोबारी विभाग के रडार पर हैं। आशंका है कि इन कारोबारियों ने नोटबंदी के दौरान अपना टर्नओवर कई गुना बढ़ाकर कालेधन को सफेद किया है।

बेचे गए माल की बिलिंग भी दो तरह से की गई है। एक जो आयकर को दिखाने के लिए और दूसरा जो अपनी जानकारी के लिए जनरेट की गई है। विभाग की ओर से छापेमारी शुरू होने के बाद ऐसे कारोबारी बचाव की कोशिशों में जुटे हैं।

सूत्रों का दावा है कि कार्रवाई के डर से कई कारोबारियों ने अपने दस्तावेज हटा-बढ़ा दिए हैं। प्रतिष्ठानों पर भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। 
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