उत्तर प्रदेश मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेंजेटेटिव एसोसिएशन(यूपी एमएसआरए) की ओर से दवाओं के दाम में बढ़ोतरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर उक्त फैसले को रद करने की मांग की।
प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय पर सोमवार को दोपहर में जनरल कौंसिल मेंबर मनोज शर्मा ने साथियों के साथ पहुंचकर ज्ञापन दिया। कहा कि सरकार घरेलू उत्पाद का पांच प्रतिशत स्वास्थ्य सेवा के लिए आवंटित करे और जीवन रक्षक दवाओं का दाम दस फीसदी बढ़ाने का फैसला रद करें। सचिव अनुपम सिंह ने कहा कि आठ सौ दवाओं इसमें एचआईवी, एंटीसेप्टिक, एंटीफंगल, एंटीबायोटिक, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, हृदय रोग, कैंसर, किडनी रोग इत्यादि दवाओं के दाम बढ़े हैं। जनरल काउंसिल मेंबर रजनीश कांत पाठक ने सरकार से स्वास्थ्य क्षेत्र एवं दवा क्षेत्र में कार्पोरेट भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कड़े नियम बनाने की मांग की। संपूर्णानंद पांडेय ने कहा कि कोरोना काल में यह सामने आया कि वैक्सीन प्लांट बहुत कम हैं। इसलिए वैक्सीन उत्पादक इकाइयों को अधिक से अधिक बनाने और जो बंद प्लांट है उन्हें सरकार पुनर्जीवित करने की जरूरत है। इस दौरान अभिषेक कुमार सिंह, नीरज राय, शैलेश मिश्रा, अखिलेश, धीरेंद्र, आशुतोष राय, धीरज, संदीप, रूपेश, आनंद सिंह आदि लोग मौजूद रहे।