काशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था की मांग को लेकर बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला। अधिवक्ताओं ने कहा कि काशीवासी भगवान शंकर के गण स्वरूप हैं, लेकिन कॉरिडोर बनने के बाद स्थानीय लोगों के लिए दर्शन-पूजन करना कठिन हो गया है। 20 मई की सुबह अधिवक्ता दिलीप मिश्रा के साथ मारपीट की घटना को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम और महामंत्री आशीष सिंह ने भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि कॉरिडोर के चार प्रवेश द्वारों में से किसी एक को काशीवासियों के लिए आरक्षित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन मिल सके। इस पर जिलाधिकारी ने सहमति जताई। अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण का कार्य बिना वर्दी वाले लोग कर रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आ रही हैं। मांग की कि भीड़ नियंत्रण का दायित्व केवल वर्दीधारी पुलिसकर्मियों को ही दिया जाए। साथ ही कॉरिडोर परिसर में छिनैती और जूता-चप्पल चोरी पर चिंता व्यक्त कर प्रभावी अपराध नियंत्रण की मांग की गई। इस दौरान बृजेश मिश्रा, अभय सिंह, मंचल मिश्रा मौजूद रहे।