ज्ञानवापी प्रकरण में दिल्ली निवासी पर्यावरण विद प्रभुनारायण की तरफ से दाखिल वाद पर भी शनिवार को सुनवाई टल गई। सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में अब इस मामले में दो दिसंबर को सुनवाई होगी।
अधिवक्ता मानबहादुर सिंह और अनुपम द्विवेदी ने दाखिल वाद में कहा है कि ज्ञानवापी में दृश्य व अदृश्य देवताओं के राग, भोग, दर्शन-पूजन के साथ गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित करने की मांग की गई है। साथ ही आस्था के साथ वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर अनुतोष दिए जाने का अनुरोध किया गया है। प्रकरण में अंजुमन की तरफ से 30 दिन का समय मांगा गया लेकिन अदालत ने दो दिसंबर की तिथि नियत कर दी।