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स्वर्ण कला बोर्ड बनाने की मांग: स्वर्णकारों ने मांगी राजनीतिक हिस्सेदारी, सोनार महासमागम में चुनाव पर चर्चा

Mon, 21 Sep 2026 05:43 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

सोनार महासमागम में 10 हजार स्वर्णकारों ने उत्तर प्रदेश में स्वर्ण कला बोर्ड गठित करने और आबादी के अनुपात में राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग उठाई। समाज ने कहा कि अब वह केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहेगा। विधानसभा स्तर पर कोर कमेटियां गठित कर राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया गया। महासमागम में समाज की एकजुटता पर जोर दिया गया।
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सोनार महासमागम में समाज के हजारों प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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काशी में स्वर्णकार समाज ने राजनीतिक भागीदारी के लिए हुंकार भरी। रविवार को चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में आयोजित सोनार महासमागम में समाज के हजारों प्रतिनिधियों ने अपने अधिकारों, सुरक्षा और राजनीतिक वजूद के लिए आवाज बुलंद की। 

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समागम में मध्य प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी ‘स्वर्ण कला बोर्ड’ के गठन की मांग को सबसे प्रमुखता से उठाया गया।स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान के ओर से आयोजित समागम में उत्तर प्रदेश के 35 जिलों सहित मध्य प्रदेश और बिहार के करीब 10 हजार स्वर्णकार शामिल हुए।

स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान के राष्ट्रीय चेयरमैन रवि सर्राफ ने कहा कि सोनार समाज मात्र कारोबारी नहीं, बल्कि विश्व विख्यात पारंपरिक हस्तकला का संरक्षक है। सरकारी उपेक्षा के चलते यह प्राचीन कला संकट में है। यदि राज्य में स्वर्ण कला बोर्ड का गठन होता है, तो कारीगरों को सब्सिडी, आधुनिक प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा की सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि समाज को एक सूत्र में पिरोने के लिए 35 जिलों का सघन दौरा किया गया था।

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महासमागम में समाज के लोग। - फोटो : संवाद
जिलाध्यक्ष किशोर सेठ ने बताया कि काशी को 30 सेक्टरों में बांटकर बीते चार महीनों से निरंतर जनसंपर्क अभियान चलाया गया, जिसके फलस्वरूप यह ऐतिहासिक समागम साकार हुआ। वक्ताओं ने कहा कि सोनार समाज अब केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहेगा। जब राजनीतिक हिस्सेदारी और टिकट वितरण की बारी आती है, तो समाज को हाशिए पर धकेल दिया जाता है। इस उपेक्षा को समाप्त करने के लिए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी चुनावों में आबादी के अनुपात में टिकटों की दावेदारी की जाएगी, हर विधानसभा में कोर कमेटियां गठित होंगी और शासन को वृहद स्तर पर मांग पत्र सौंपा जाएगा।

प्रतिनिधियों ने हाल के दिनों में बढ़ी लूट, डकैती और हत्या की घटनाओं पर गहरा रोष जताया। व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण देने के साथ ही बीएनएस की धारा 317 (पूर्व में आईपीसी 411/412) के दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की गई। पूर्वांचल अध्यक्ष ईश्वर दयाल सिंह सेठ ने कहा कि चोरी के माल की बरामदगी के नाम पर निर्दोष और ईमानदार सर्राफा कारोबारियों का पुलिसिया उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

इसके लिए सामूहिक विधिक कदम उठाए जाएंगे। पारंपरिक गिरवी कारोबार को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुरानी साहूकारी लाइसेंस व्यवस्था को फिर से बहाल करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ। महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष बेबी सेठ ने युवाओं व महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर बल दिया। अध्यक्षता कृष्ण नारायण सोनी, संचालन रवि सर्राफ और धन्यवाद ज्ञापन अरुण सोनी ने किया।
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