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Varanasi News : आंदोलनजीवियों को रक्षामंत्री राजनाथ की नसीहत, बोले- काशी के लोगों से सीखें उत्सवजीवी गुण

Sat, 03 Sep 2022 12:25 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Varanasi News : वाराणसी के रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर में पुस्तक के लोकार्पण के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में कुछ लोग आंदोलनजीवी हो गए हैं। उन्हें काशी से बुद्धजीवी, श्रमजीवी और उत्सवजीवी गुण सीखना चाहिए। 
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'देखो हमरी काशी' के विमोचन समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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काशी की अनुभूति पर लिखी पुस्तक देखो हमरी काशी के लोकार्पण समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में कुछ लोग आंदोलनजीवी हो गए हैं। उन्हें काशी से बुद्धजीवी, श्रमजीवी और उत्सवजीवी गुण सीखना चाहिए। उन्होंने कहा, काशी विधाओं का अनोखा फ्यूजन है। हमारी काशी नित नूतन और आत्मा से पुरातन है।

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रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर में वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा की पुस्तक के विमोचन के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा किसी भी शहर की पहचान भले ही राजनीतिक लोग, प्रशासक, साहित्यकार व अन्य विशिष्टजन के रूप में होती है। मगर, नगर के जनजीवन अंदाज का निर्धारण साधारण जन ही करते हैं। इनके बिना शहर और जीवन की कल्पना संभव नहीं है। यहां के हर निवासी की आत्मा में काशी है।

मस्ती और महाश्मशान केवल काशी में ही संभव
उन्होंने कहा, बनारस के रस में लोक का ऐसा रसायन है, जिससे हर कोई मस्ती व फक्कड़पन का अहसास करता है। उन्होंने पुस्तक के कहानियों की चर्चा करते हुए कहा, यह काशी की खासियत है कि यहां मंत्रों व गालियों के बीच अद्वैत संबंध है। मस्ती और महाश्मशान को एक साथ साध लेना इसी शहर में संभव है। देखो हमरी काशी शास्त्री और अभिजात्य है। 

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काशी के सामाजिक ताने-बाने पर आधारित इस पुस्तक में सामाजिक प्रश्नों के उत्तर भी हैं। इसमें यहां की सांस्कृतिक विभूतियां रंगमंच के नेपथ्य में हैं और राष्ट्रगान में वर्णित जनगण का वर्णन है। रक्षामंत्री ने कहा कि बनारस के रस में गोता लगाने के लिए काशी पर लिखी यह पुस्तक अब तक की श्रेष्ठ कृति है। इसमें पंचतत्वीय अनुभूति है।

इस समारोह में आरएसएस के निवर्तमान सरकार्यवाह भैयाजी जोशी, वरिष्ठ चिंतक रामबहादुर राय, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, दयाशंकर सिंह, अनिल राजभर, राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र, विधायक सुनील पटेल, नीलरतन पटेल, शरद शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। पुस्तक की समीक्षा वरिष्ठ चिंतक रामबहादुर राय और कार्यक्रम का संचालन यतींद्र मिश्र ने किया।
पढ़ेंः वाराणसी में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बोले- आईएनएस विक्रांत आत्मनिर्भर और न्यू इंडिया का प्रतीक

राजनाथ सिंह ने काशी से जोड़ा अपना नाता

'देखो हमरी काशी' के विमोचन समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला
देखो हमरी काशी पुस्तक की चर्चा शुरू करने के साथ ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी खुद को काशी से जोड़ने से नहीं रोक पाए। उन्होंने कहा, हमहू काशी क रहईवाला हई। अक्सर जब इहां आइला त कोशिश करिला कि लोगन से एही भाषा में बात होई। उन्होंने कहा, मैंने यह सोचा कि इस पुस्तक का नाम देखअ हमार काशी क्यों नहीं, फिर सोचा कि काशी पर लिखी इस पुस्तक को देश व दुनिया तक पहुंचाने के लिए देखो हमरी काशी ही ठीक है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय स्वयं सेवक के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने देखो हमरी काशी पुस्तक का जिक्र करते हुए कहा, इसमें समाज केवल राजा के कारण नहीं बनता है, सागर तल तक के लोग की भागीदारी से बनता है। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र की देखी तुम्हरी काशी में स्याह पक्षों के वर्णन का जिक्र किया और कहा, भारतेंदु बाबू ने बहुत बेबाकी से अपनी बात कही। 

अगर वे इस समय होते तो उन पर एफआईआर दर्ज हो गई होती। उन्होंने कहा, आज सत्य बोलने से डर लगता है कि पुलिस स्टेशन जाना पड़ेगा। मगर, देखो हमरी काशी पुस्तक में काशी में बनारस का जिक्र ही यहां की पहचान है। काशी ही ऐसा पहला शहर है, जहां लोग मृत्यु की तलाश में भी आते हैं। उन्होंने कहा, इस पुस्तक की प्रस्तावना में वरिष्ठ चिंतक रामबहादुर राय ने काशी को समझने का चश्मा दिया है।
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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान - फोटो : अमर उजाला
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, पश्चिम बंगाल से शुरू भारत के पुनर्जागरण को बनारस में बल मिला है। हमारी संस्कृति की सार्वभौमिक परिकल्पना है कि हम रंग, भाषा और वेश भूषा से नहीं पहचाने जाते हैं। काशी इसी संस्कृति की आत्मा है और इसी काशी ने केरल के कालाणी में जन्मे शंकर को आदि शंकराचार्य बनाया। उन्होंने कहा, भारत की सभ्यता ज्ञान व प्रज्ञा के संवर्धन के लिए है। यहां के तेज पारंगत होने वाला विद्या व बुद्धि में भी पारंगत होगा। उन्होंने कहा, काशी अवर्णनीय है, मगर देखो हमरी काशी में इसका शानदार वर्णन किया गया है।
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