प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली से पहले काशी को सौगात देने के साथ ही लोकल फॉर वोकल का नारा एकबार फिर बुलंद किया। मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वोकल फॉर लोकल सिर्फ दीयों तक ही सीमित नहीं है भई, हर चीज में वह उत्पादन जिसमें मेरे देशवासियों का पसीना है, जिस उत्पादन में मेरे देश की मिट्टी की सुगंध है, वह मेरे लिए लोकल है।
पीएम ने काशी की जनता का आह्वान करते हुए कहा कि एक बार अगर हमारी आदत बन जाएगी देश की निर्मित चीजों को खरीदने की तो उत्पादन भी बढ़ेगा, रोजगार भी बढ़ेगा। गरीब से गरीब को काम भी मिलेगा और यह काम हम सब मिलकर कर सकते हैं। सभी के प्रयास से बहुत बड़ा परिवर्तन हम लोग ला सकते हैं। काशी और यह पूरा क्षेत्र तो मिट्टी के अद्भुत कलाकारों, कारीगरों और कपड़े पर जादूगरी बिखेरने वाले बुनकरों के लिए जाना जाता है। सरकार के प्रयास से बीते पांच सालों में वाराणसी में खादी और दूसरे कुटीर उद्योगों के उत्पादन में लगभग 60 फीसदी और बिक्री में लगभग 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एकबार फिर मैं यहां से सभी देशवासियों से आग्रह करूंगा कि इस दिवाली हमें, अपने इन साथियों की दिवाली का भी ध्यान रखना है। अपने घर की सजावट से लेकर, अपने कपड़ों और दिवाली के दीयों तक, लोकल के लिए हमें वोकल रहना है। धनतेरस से लेकर दिवाली तक लोकल की जमकर खरीदारी करेंगे तो, सबकी दिवाली खुशियों से भर जाएगी। और जब मैं लोकल से वोकल की बात करता हूं, तो मैंने देखा है कि हमारे टीवी वाले भी सिर्फ मिट्टी के दीये दिखाते हैं।