एक जनवरी 2024 से मंदिर प्रशासन ने दर्शन पूजन के लिए प्रोटोकॉल की नई व्यवस्था लागू करते हुए 87 लोगों को ही निशुल्क प्रोटोकॉल के योग्य माना है। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति के दर्शन पूजन के लिए न्यास अध्यक्ष, कार्यपालक समिति के अध्यक्ष, कार्यपालक समिति के सचिव की सहमति से पात्र का चयन करने का नियम पारित हुआ है। नए नियमों में पुलिस विभाग में अपर पुलिस अधीक्षक और प्रशासन में अपर जिलाधिकारी स्तर तक के अधिकारियों को वीआईपी श्रेणी में रखा गया है। मगर, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी प्रोटोकॉल के पात्र व्यक्ति के चयन का अधिकार नहीं किया गया है।
गेट नंबर चार से हटवाया पुलिस का बूथ
एक जनवरी 2024 से पहले पुलिस के अधिकारियों की ओर से भेजे जाने वाले अतिथियों का प्रोटोकॉल गेट नंबर चार के बाहर एक बूथ बनाकर दर्ज कराया जाता था। मगर, नई व्यवस्था लागू होने के बाद गेट नंबर चार पर बने बूथ को कटवा दिया गया है। इसके साथ ही प्रोटोकॉल कार्यालय पर एकीकृत व्यवस्था लागू करा दी गई है।
क्या कहते हैं अधिकारी
नए नियम में एकीकृत प्रोटोकॉल व्यवस्था लागू की गई है। दरोगा ने नियम विरुद्ध दर्शन पूजन कराया है और उनके वेतन से कटौती कर प्रोटोकाॅल की धनराशि न्यास के कोष में जमा कराने का अनुरोध पुलिस आयुक्त से किया गया है। -शंभू कुमार, एसडीएम, काशी विश्वनाथ मंदिर